इनकम टैक्स बजट 2026: इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं, शेयर बाजार में तेजी- जानें बजट की अहम बातें

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इनकम टैक्स बजट 2026: इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं, शेयर बाजार में तेजी- जानें बजट की अहम बातें

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। बजट से पहले देशभर के करदाताओं को इनकम टैक्स स्लैब, छूट और छूट में राहत मिलने की उम्मीद थी। लेकिन सरकार ने इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया.

इस घोषणा के बाद शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली. STT (सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स) बढ़ाने के फैसले से निवेशकों में निराशा हुई और सेंसेक्स 2200 अंक से ज्यादा गिर गया.

इनकम टैक्स स्लैब यथावत है

बजट 2026-27 में सरकार ने मौजूदा टैक्स स्लैब को बरकरार रखने का फैसला किया है. इनकम टैक्स से जुड़ी छूट, रिबेट और रिटर्न फाइलिंग नियमों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया.

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि सरकार ने कर राहत देने के बजाय राजकोषीय संतुलन बनाए रखने और क्षेत्र आधारित विकास पर ध्यान केंद्रित किया है।

एसटीटी बढ़ने से बाजार में दहशत!

वित्त मंत्री ने बजट में सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स को 0.1% से बढ़ाकर 0.15% करने का ऐलान किया. इसके तुरंत बाद बाजार में भारी बिकवाली शुरू हो गई.

सबसे ज्यादा गिरावट बैंकिंग, आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों में दर्ज की गई. निवेशकों को उम्मीद थी कि बजट में टैक्स में राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

बजट 2026 की प्रमुख घोषणाएं

बजट में कई अहम सेक्टरों के लिए हुए बड़े ऐलान:

  • कैंसर की 17 दवाओं पर कस्टम ड्यूटी माफ:

    सरकार ने कैंसर की 17 जरूरी दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटाने का फैसला किया है, जिससे मरीजों को राहत मिलेगी.

  • एसईजेड इकाइयों को राहत:

    विशेष आर्थिक क्षेत्र की विनिर्माण इकाइयों को रियायती शुल्क पर घरेलू बाजार में सीमित मात्रा में बेचने की अनुमति दी गई थी।

  • रक्षा क्षेत्र को बढ़ावा:

    रक्षा उपकरणों और प्रौद्योगिकी के आयात पर कस्टम ड्यूटी में छूट दी जाएगी, जिससे रक्षा उत्पादन मजबूत होगा।

  • बैटरी और सौर उद्योग को समर्थन:

    लिथियम-आयन बैटरी और सोलर ग्लास के लिए इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर शुल्क छूट की घोषणा की गई।

  • निर्यात प्रोत्साहन:

    समुद्री भोजन उत्पादों के निर्यात के लिए शुल्क-मुक्त आयात सीमा 1% से बढ़ाकर 3% कर दी गई।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने बजट को “आर्थिक समृद्धि की नींव रखने वाला बजट” बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट हर क्षेत्र के लिए दूरगामी परिणाम देने वाला है और राजकोषीय घाटे को भी नियंत्रण में रखा गया है.

करदाताओं और निवेशकों पर प्रभाव

इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं होने से मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों को निराशा हुई है. एसटीटी बढ़ने से शेयर बाजार में कारोबार करना महंगा हो गया है.

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि बजट का फोकस स्वास्थ्य सेवा, रक्षा और हरित ऊर्जा पर है, जो लंबे समय में अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकता है।

बजट 2026 में स्वास्थ्य, निर्यात और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को लेकर बड़ी घोषणाएं की गईं, लेकिन इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं होने से करदाताओं को कोई सीधी राहत नहीं मिली. एसटीटी बढ़ने से शेयर बाजार में भारी गिरावट आई और निवेशकों की चिंता बढ़ गई.

आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि बजट के इन फैसलों का आर्थिक विकास और बाजार स्थिरता पर कितना असर पड़ता है।


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