नयी दिल्ली, एक नवंबर देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की रफ्तार अब तेजी से बढ़ रही है, और इसी के साथ हरित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए इंडियन बैंक ने एक बड़ा कदम उठाया है। बैंक ने चालू वित्त वर्ष के दौरान देश में ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 100 करोड़ रुपये का कर्ज बांटने का लक्ष्य तय किया है। बैंक इस उभरते हुए ग्रीन ट्रांसपोर्ट सेक्टर के अवसरों का पूरा फायदा उठाना चाहता है, जिसके लिए खास तौर पर ‘इंड ग्रीन चार्ज’ नाम से एक नई और आकर्षक वित्तपोषण योजना की शुरुआत की गई है।
इस योजना के तहत पब्लिक यूज, पर्सनल इस्तेमाल और कमर्शियल फ्लीट (वाहनों के बेड़े) के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाने हेतु आसानी से लोन उपलब्ध कराया जाएगा। यह शानदार वित्तीय सुविधा स्वतंत्र (इंडिपेंडेंट) और फ्रेंचाइजी—दोनों तरह के बिजनेस मॉडल पर काम करने वालों को मिलेगी। इंडियन बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बिनोद कुमार ने पीटीआई-भाषा को बताया कि इस योजना के अंतर्गत अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक का ऋण मुहैया कराया जाएगा।
इस ऋण को चुकाने की अधिकतम अवधि आठ साल तक होगी। उन्होंने आगे बताया कि बैंक ने चालू वित्त वर्ष के बचे हुए पांच महीनों में 100 करोड़ रुपये और आने वाले वित्त वर्ष में 250 करोड़ रुपये के लोन डिस्बर्समेंट (वितरण) का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) में आंत्रप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देना, रोजगार के नए द्वार खोलना और देश के हरित परिवहन तंत्र को और अधिक सुदृढ़ करना है।
आंकड़ों पर गौर करें तो वित्त वर्ष 2025-26 में देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में 29.7 प्रतिशत की जबरदस्त छलांग देखने को मिली है, जो बढ़कर 26.59 लाख यूनिट तक पहुंच गई है। इसके साथ ही, भारत में ईवी चार्जिंग स्टेशनों का बाजार वर्ष 2025 के 6,139 करोड़ रुपये से बढ़कर साल 2030 तक रॉकेट की रफ्तार से 21,940 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। बिनोद कुमार ने विश्वास जताया कि इंडियन बैंक के लिए ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को फाइनेंस करना न सिर्फ व्यावसायिक रूप से बेहद फायदेमंद है, बल्कि यह देश के भविष्य के लिए एक बेहतरीन हरित वित्तपोषण (ग्रीन फाइनेंसिंग) पहल भी है।
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