ITR फाइलिंग: सिर्फ Form-16 के भरोसे न रहें! टैक्स रिफंड चाहिए तो ‘AIS’ को न करें इग्नोर
क्या आप अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की तैयारी कर रहे हैं? अगर हाँ, तो रुकिए! अक्सर टैक्सपेयर्स सोचते हैं कि Form-16 में दी गई जानकारी ही काफी है, लेकिन यह एक बड़ी गलतफहमी हो सकती है। डेटा में जरा सा भी मिसमैच होने पर आपका रिफंड अटक सकता है। ध्यान रहे, आयकर विभाग की स्क्रूटनी शुरू हो चुकी है, इसलिए ‘एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट’ (AIS) को रिव्यू करना अब अनिवार्य जैसा है।
आखिर क्या है AIS और यह कैसे काम करता है?
AIS (Annual Information Statement) आपके पैन (PAN) कार्ड से जुड़ा एक ऐसा विस्तृत दस्तावेज है, जो एक वित्तीय वर्ष के दौरान किए गए आपके सभी बड़े लेन-देन का कच्चा चिट्ठा पेश करता है।
- डाटा का स्रोत: आपके बैंक, एम्प्लॉयर, म्यूचुअल फंड कंपनियां, स्टॉक ब्रोकर्स और प्रॉपर्टी रजिस्ट्रार आपके ट्रांजैक्शन की जानकारी सीधे टैक्स डिपार्टमेंट को भेजते हैं।
- रियल-टाइम अपडेट: यह पोर्टल पर लगातार अपडेट होता रहता है। जैसे ही विभिन्न संस्थान आपके TDS/TCS रिटर्न या SFT स्टेटमेंट प्रोसेस करते हैं, वे आपके AIS में दिखने लगते हैं।
AIS चेक करने का आसान तरीका (Step-by-Step)
चाहे आप खुद रिटर्न भरें या सीए की मदद लें, इन स्टेप्स को फॉलो कर अपना AIS तुरंत चेक और डाउनलोड करें:
- आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पैन और पासवर्ड से लॉगिन करें।
- डैशबोर्ड पर मौजूद ‘Services’ टैब के भीतर ‘AIS’ विकल्प पर क्लिक करें।
- स्क्रीन पर आपको दो मुख्य टाइल्स नजर आएंगी— AIS और TIS।
- ड्रॉप-डाउन मेन्यू से संबंधित वित्त वर्ष चुनें और जानकारी देखने के लिए AIS टाइल पर क्लिक करें।
आपके AIS में क्या छिपा होता है?
आपका AIS मुख्य रूप से दो भागों में विभाजित होता है:
- सामान्य जानकारी: इसमें आपका नाम, पैन, आधार, जन्मतिथि और संपर्क विवरण होता है।
- वित्तीय जानकारी (5 महत्वपूर्ण श्रेणियां): इसमें TDS/TCS, बड़े वित्तीय लेनदेन (SFT), आपके द्वारा किया गया टैक्स भुगतान, टैक्स डिमांड/पुराना रिफंड और अन्य महत्वपूर्ण वित्तीय विवरण शामिल होते हैं।
खास टिप: रिटर्न दाखिल करने से पहले AIS का मिलान अपने Form-26AS और Form-16 से जरूर करें। यदि AIS में कोई ट्रांजैक्शन गलत है, तो आप पोर्टल पर ही ऑनलाइन फीडबैक दे सकते हैं। इससे आपकी TIS (Taxpayer Information Summary) वैल्यू खुद-ब-खुद सही हो जाएगी और आप भविष्य के किसी भी अनचाहे नोटिस से पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।
कैलेंडर में मार्क करें ये जरूरी तारीखें:
IPO लिस्टिंग (मेन बोर्ड/SME):
- 21 जुलाई: अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड (126 करोड़ रुपये), मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज (160 करोड़ रुपये)।
कॉर्पोरेट घोषणाएं और वित्तीय नतीजे:
- 20 जुलाई: इंफ्रास्ट्रक्चर आउटपुट, अल्ट्राटेक सीमेंट, वन 97 कम्युनिकेशन (Paytm), रैलिस इंडिया, डीपी आभूषण।
- 21 जुलाई: अदानी एनर्जी, टीवीएस मोटर, इंडियन होटल्स, अदानी टोटल।
- 22 जुलाई: अदानी पावर, इटरनल।
- 24 जुलाई: मैन्युफैक्चरिंग एंड सर्विस PMI डेटा, बैंक लोन ग्रोथ।
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