(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, 2 नवंबर: अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन समर्थित कंपनियों का एक प्रभावशाली समूह पाकिस्तान में ऊर्जा क्षेत्र की एक बड़ी कायापलट की तैयारी में है। पाकिस्तान में तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की एक विशाल एकीकृत परियोजना के लिए 4.4 अरब अमेरिकी डॉलर तक के भारी-भरकम निवेश की योजना बनाई गई है। सोमवार को सामने आई एक मीडिया रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।
प्रमुख समाचार पत्र ‘डॉन’ में छपी रिपोर्ट के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत पाकिस्तान में एलएनजी आयात, उसका भंडारण, पुनर्गैसीकरण (रीगैसिफिकेशन), पाइपलाइन के जरिए आपूर्ति और बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं को इसकी सीधी बिक्री जैसी तमाम आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। गौरतलब है कि पाकिस्तान के पास वर्तमान में एलएनजी भंडारण की कोई भी इकाई मौजूद नहीं है, ऐसे में यह परियोजना देश के लिए बेहद अहम साबित हो सकती है।
इस हाई-प्रोपाइल कंसोर्टियम में ग्लोबल विजन एनर्जी पार्टनर्स (जीवीईपी), खानजी होल्डिंग्स और लक्जमबर्ग स्थित जनरल मेडिटेरेनियन होल्डिंग जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट के लिए पोर्ट कासिम प्राधिकरण से प्रस्तावित स्थल पर सहमति पहले ही मिल चुकी है, और तेल एवं गैस नियामक प्राधिकरण (ओगरा) के पास अस्थायी लाइसेंस के वास्ते औपचारिक आवेदन भी किया जा चुका है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस परियोजना को अमेरिकी व्यापार एवं विकास एजेंसी के प्रतिष्ठित ‘परियोजना तैयारी कार्यक्रम’ के तहत विचार के लिए हरी झंडी मिल गई है। इसके अलावा, इसे अमेरिकी विकास वित्त निगम से आंशिक वित्तपोषण और अमेरिकी निर्यात-आयात बैंक से आवश्यक प्रौद्योगिकी, साजो-सामान और सेवाओं के लिए भारी-भरकम निर्यात ऋण गारंटी भी मिलने की पूरी उम्मीद है।
पूरी परियोजना को दो प्रमुख चरणों में धरातल पर उतारा जाएगा। पहले चरण में 1.7 अरब डॉलर की भारी लागत से चार विशाल टैंकों वाला एलएनजी टर्मिनल और अत्याधुनिक भंडारण सुविधा स्थापित की जाएगी, जिसकी सालाना क्षमता 35 अरब घन फुट होगी। इसके बाद, दूसरे चरण में लगभग 1,100 किलोमीटर लंबी और 42 से 48 इंच व्यास वाली विशाल गैस पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिसकी दैनिक क्षमता करीब 1.2 अरब घन फुट गैस ले जाने की होगी। इन दोनों चरणों के पूरा होने के साथ ही इस परियोजना की कुल लागत बढ़कर 4.4 अरब डॉलर के आंकड़े को छू लेगी।
इस प्रस्तावित परियोजना का मुख्य उद्देश्य घरेलू गैस बाजार को अमेरिकी और पश्चिम एशियाई आपूर्तिकर्ताओं के साथ मजबूती से जोड़ना है, ताकि देश में एक मजबूत क्षेत्रीय भंडारण, गैस रूपांतरण और ट्रेडिंग हब विकसित किया जा सके। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान परिसंपत्तियों, देनदारियों और तमाम वित्तीय जोखिमों के बेहतर प्रबंधन के लिए एक विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) यानी एक अलग कंपनी का गठन भी किया गया है।
दिलचस्प बात यह है कि यह समूह स्थानीय निवेशकों को भी इस मेगा प्रोजेक्ट में 10 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी देने के लिए बातचीत कर रहा है, जिसमें प्रत्येक निवेशक से न्यूनतम पांच करोड़ डॉलर के निवेश की उम्मीद जताई गई है। संभावित और बड़े वैश्विक निवेशकों की इस सूची में केकेआर (KKR), ब्लैकस्टोन, सऊदी अरब का प्रतिष्ठित सार्वजनिक निवेश कोष और कुवैत निवेश प्राधिकरण जैसे नाम शामिल हैं। हालांकि, अभी तक इनमें से किसी भी निवेशक की तरफ से अंतिम और पक्की प्रतिबद्धता की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
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