शेयर बाजार अपडेट: सेंसेक्स और निफ्टी की सपाट शुरुआत, उतार-चढ़ाव के बीच TCS चमका, तो ट्रेंट फिसला
29 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में हलचल सुस्त रही और बेंचमार्क सूचकांकों—सेंसेक्स और निफ्टी—की शुरुआत लगभग सपाट हुई। वैश्विक मौद्रिक नीतियों, आर्थिक आंकड़ों और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच निवेशक फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला BSE सेंसेक्स 22.44 अंक (0.03%) की मामूली बढ़त के साथ 73,268.47 पर खुला। वहीं, निफ्टी में हल्की गिरावट देखी गई और यह 8.20 अंक टूटकर 22,690.65 के स्तर पर ओपन हुआ। पिछले सत्र में सेंसेक्स 73,246.03 और निफ्टी 22,698.85 पर बंद हुए थे।
हालांकि, मुख्य सूचकांकों की सुस्ती के उलट ब्रॉडर मार्केट (व्यापक बाजार) में रौनक दिखी। BSE मिडकैप सिलेक्ट इंडेक्स 40.06 अंक ऊपर रहा, जबकि BSE स्मॉलकैप सिलेक्ट इंडेक्स 0.25% (21.68 अंक) की तेजी के साथ 8,749.80 पर कारोबार करता नजर आया। सेंसेक्स के शेयरों की बात करें तो TCS (1.53% की बढ़त), अडानी पोर्ट्स, टेक महिंद्रा, NTPC और पावर ग्रिड टॉप गेनर्स रहे। दूसरी ओर, ट्रेंट में 3.98% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जबकि HDFC बैंक, मारुति, बजाज फिनसर्व और बजाज फाइनेंस भी लाल निशान में रहे। शुरुआती रुझान सकारात्मक दिखा, जहां NSE पर 1,484 शेयरों में तेजी और 1,284 में गिरावट रही, जबकि 94 शेयर स्थिर रहे।
गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) के संकेत और संस्थागत निवेशकों का रुख
निफ्टी 50 के शुरुआती संकेतक ‘गिफ्ट निफ्टी’ ने बाजार के थोड़ा ऊपर खुलने का इशारा किया था। यह अपने पिछले बंद (22,733) के मुकाबले 87 अंक चढ़कर 22,820 पर खुला था। निवेश के आंकड़ों पर गौर करें तो बुधवार, 28 अक्टूबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 871.83 करोड़ रुपये की खरीदारी की। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी बाजार को सहारा दिया और 643.35 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। एनरिच मनी (Enrich Money) के CEO पोनमुडी आर के अनुसार, “कच्चा तेल भारतीय बाजार के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। WTI क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के पास है, जिससे आर्थिक चिंताएं बढ़ गई हैं। भू-राजनीतिक तनाव में कमी के संकेत न मिलने से भविष्य का आउटलुक अनिश्चित बना हुआ है।”
एशियाई बाजारों का हाल:Alphabet के नतीजों का असर
एशियाई बाजारों में आज गिरावट का रुख देखने को मिला। दिग्गज टेक कंपनी ‘अल्फाबेट’ (Alphabet) की कमाई उम्मीद से कम रहने के कारण वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स और एशियाई शेयरों पर दबाव रहा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक अस्थिरता ने निवेशकों को सतर्क कर दिया। जापान का निक्केई 225 तो 0.22% बढ़कर 64,095 पर दिखा, लेकिन अन्य बाजार पिछड़ गए। हांगकांग का हैंग सेंग 0.10%, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.07% और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.93% की गिरावट के साथ कारोबार करते देखे गए।
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