2025 बिहार रण: पहले चरण में NDA-महागठबंधन की कड़ी टक्कर, जन स्वराज बिगाड़ेंगे किसका खेल?

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Bihar Election 2025: पहले चरण में NDA और महागठबंधन में कांटे की टक्कर, अब किसका खेल बिगाड़ेंगे प्रशांत किशोर के जन स्वराज

बिहार में चुनावी दंगल: 121 सीटों पर 6 नवंबर को होगा मतदान, महामुकाबले के साथ नए समीकरणों का खेल

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का बिगुल बज चुका है। 6 नवंबर को 121 सीटों पर मतदान होना है, जहां एक ओर सत्ताधारी एनडीए और विपक्षी महागठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा, वहीं इस बार के चुनाव में एक नए खिलाड़ी, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (JSP) की एंट्री ने चुनावी समीकरणों को और भी दिलचस्प बना दिया है।

पिछले विधानसभा चुनाव 2020 में, एनडीए और महागठबंधन के बीच ज़बरदस्त टक्कर हुई थी। तब महागठबंधन ने 61 और एनडीए ने 59 सीटें जीती थीं। बेगूसराय की मटिहानी सीट पर लोजपा की जीत के बाद उसके विधायक का जदयू में शामिल होना भी चर्चा का विषय रहा था।

इस बार, जन सुराज पार्टी, जिसने पिछले साल गांधी जयंती पर ‘स्कूल बैग’ चुनाव चिन्ह के साथ बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार और पलायन जैसे ज्वलंत मुद्दों पर अपनी शुरुआत की है, कुछ सीटों पर समीकरण बिगाड़ने की क्षमता रखती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जिन क्षेत्रों में जनता पारंपरिक दलों से असंतुष्ट है, वहां जन सुराज का प्रभाव दिख सकता है।

पटना विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर और राजनीतिक विश्लेषक नवल किशोर चौधरी के अनुसार, “इस बार दोनों गठबंधनों में टक्कर कांटे की है, लेकिन जन सुराज पार्टी कुछ उम्मीदवारों की जीत या हार तय कर सकती है।” हालांकि, JSP का असली प्रभाव तब स्पष्ट होगा जब 9 अक्टूबर को उनके प्रत्याशियों की पहली सूची जारी होगी।

राजनीतिक गलियारों में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के दो सीटों से चुनाव लड़ने की अटकलें भी ज़ोरों पर हैं। 2015 और 2020 में राघोपुर से जीतने वाले तेजस्वी के फूलपरास (मधुबनी) से भी चुनाव लड़ने की संभावना है। फूलपरास में यादव और मुस्लिम मतदाता निर्णायक हैं, और पिछली बार यहां जदयू की शीला कुमारी ने कांग्रेस उम्मीदवार को लगभग 10 हजार वोटों से हराया था।

2020 के चुनाव में बीजेपी ने सहरसा, दरभंगा, बेगूसराय, पटना साहिब, बांकीपुर जैसी सीटों पर कब्ज़ा किया था, वहीं जदयू के खाते में नालंदा, हर्नौत, तारापुर और वैशाली जैसी सीटें आई थीं। आरजेडी ने हथुआ, मधेपुरा, सिमरी-बख्तियारपुर, राघोपुर और मोकामा में जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस ने मुजफ्फरपुर और बक्सर में अच्छा प्रदर्शन किया था। वामपंथी दलों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी, CPI (एम-एल) ने 12 सीटें जीती थीं, और CPI और CPM को दो-दो सीटें मिली थीं। कुल मिलाकर, आरजेडी ने 75, बीजेपी ने 74, जदयू ने 43 और कांग्रेस ने 19 सीटें जीती थीं।

आगामी चुनाव दो चरणों में, 6 और 11 नवंबर को होंगे, और नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। चुनावी माहौल अब गरमा रहा है। एनडीए ‘नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी’ की जोड़ी के सहारे वोट मांग रहा है, जबकि महागठबंधन बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार और शासन की विफलताओं को अपना मुद्दा बना रहा है। इन सबके बीच, जन सुराज पार्टी जैसे नए दल तीसरे विकल्प के रूप में जनता के बीच अपनी जगह बनाने की जुगत में हैं।


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