बिहार की राजनीति में नया मोड़: जेडीयू के दिग्गज नेता राजद में शामिल, चुनाव अभियान ने पकड़ी रफ़्तार!
पटना: बिहार विधानसभा चुनावों के रणभेरी बजते ही राजनीतिक गलियारों में दल-बदल का सिलसिला तेज़ हो गया है. इसी कड़ी में, बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता लक्ष्मेश्वर राय ने आज राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का दामन थाम लिया. राजद में शामिल होते ही, राय ने अपनी पूर्व पार्टी, जेडीयू पर तीखा हमला बोला, आरोप लगाया कि पार्टी अब अपने पुराने रंग-रूप को खो चुकी है. उन्होंने चिंता व्यक्त की कि वर्तमान में जेडीयू में दलितों और पिछड़ा वर्ग की आवाज़ अनसुनी हो रही है, जबकि तेजस्वी यादव इन वर्गों के हितों के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित हैं.
चुनाव लड़ने को तैयार: लक्ष्मेश्वर राय का संकल्प
लक्ष्मेश्वर राय ने इस अवसर पर कहा कि बिहार की जनता बढ़ते भ्रष्टाचार और तानाशाही के माहौल से त्रस्त हो चुकी है और अब बदलाव की पुरजोर मांग कर रही है. उन्होंने विश्वास जताया कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में वे बिहार के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएंगे. उन्होंने आगे कहा, “अगर पार्टी चाहेगी तो मैं चुनाव लड़ने के लिए भी पूरी तरह तैयार हूँ.”
राजद का बढ़ता कारवां: और नेताओं के शामिल होने की उम्मीद
लक्ष्मेश्वर राय का राजद में गर्मजोशी से स्वागत करते हुए, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा, “हमारा कारवां लगातार बढ़ रहा है. सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता की लड़ाई हम बरसों से लड़ रहे हैं. लक्ष्मेश्वर राय, जो कर्पूरी ठाकुर के विचारों के प्रबल समर्थक रहे हैं, अब हमारे साथ मिलकर इस लड़ाई को और अधिक बल प्रदान करेंगे.”
सिद्दीकी ने यह भी आश्वासन दिया कि आने वाले दिनों में और भी कई नेता राजद में शामिल होंगे, क्योंकि जनता स्पष्ट रूप से बदलाव चाहती है. उन्होंने तेजस्वी यादव की ‘हर घर नौकरी’ जैसी घोषणाओं को केवल चुनावी जुमले नहीं, बल्कि ठोस वादे बताया, जिन्हें सत्ता में आने के बाद धरातल पर उतारा जाएगा. उन्होंने जोर देते हुए कहा, “हम जो कहते हैं, वो करके दिखाते हैं.”
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