अंधकार से उजाले की ओर बिहार: जेपी नड्डा का विपक्षी ‘INDI Alliance’ पर करारा प्रहार – ‘केवल सत्ता के भूखे’
आज बिहार की धरती पर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक सशक्त संदेश दिया। अपने दौरे के दौरान उन्होंने बिहार की दो बिल्कुल विपरीत तस्वीरों को सामने रखा – एक, जो घोर अंधकार में डूबी थी, और दूसरी, जो अब रोशनी की ओर तेज़ी से बढ़ रही है।
नड्डा ने याद दिलाया कि कैसे अतीत में वोटबैंक की खातिर तुष्टिकरण की राजनीति हावी थी, हर काम में भ्रष्टाचार का साया मंडराता था, और हत्या-अपहरण जैसी वारदातें आम थीं। लेकिन, आज एनडीए सरकार के नेतृत्व में बिहार प्रगति के नए आयाम छू रहा है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कुशल नेतृत्व में राज्य ने अभूतपूर्व बदलाव देखे हैं। विशेष रूप से, महिला सशक्तिकरण के मोर्चे पर बिहार ने खुद को बखूबी साबित किया है, जिस पर उन्हें गर्व है।
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विपक्ष के ‘INDI Alliance’ पर करारा प्रहार करते हुए जेपी नड्डा ने उन्हें ‘सत्ता के भूखे’ नेताओं का समूह बताया, जिनका एकमात्र विजन और मिशन केवल अपना स्वार्थ साधना है। उनके लिए बिहार या भारत की जनता का हित मायने नहीं रखता। नड्डा ने लालू यादव के पुराने बयानों को भी आड़े हाथों लिया, जहाँ विकास के नाम पर लालू कहते थे कि ‘रोड बना देंगे तो पुलिस जल्दी पहुँच जाएगी और जानवरों के खुर खराब हो जाएंगे।’ पलायनवाद को भी उन्होंने महिमामंडित करते हुए कहा था कि ‘बिहार का लोग गमछा पहनकर जाता है, सूट पहनकर लौटता है।’ नड्डा ने तीखे शब्दों में सवाल किया, ‘आज तक राजद ने इन बयानों के लिए माफी क्यों नहीं मांगी?’
भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस और बाकी विपक्ष पर राजनीति को ‘निम्नतम स्तर’ पर धकेलने का आरोप लगाया। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि ‘पहले इनके मंच से मोदी जी की माता जी को गालियां दी गईं, और कल कांग्रेस द्वारा जारी किया गया वीडियो इस बात का ज्वलंत प्रमाण है कि इनकी सोच कितनी दूषित है।’ नड्डा ने बिहार की धरती को साक्षी मानते हुए कहा कि ये लोग लगातार राजनीति के मूल्यों को गिरा रहे हैं, लेकिन ‘जागृत बिहार की जनता सही समय आने पर इसका मुंहतोड़ जवाब देगी।’
नड्डा ने 2003 के उस भयावह बिहार की याद दिलाई, जब पटना में खुलेआम डर का माहौल था। उन्होंने उस घटना का जिक्र किया जब एक विधायक को दिनदहाड़े मौत के घाट उतार दिया गया, और हत्यारा लालू प्रसाद का करीबी बताया गया। उन्होंने ‘सामान्य अपराध’ और ‘राज्य-समर्थित अपराध’ के बीच के बड़े अंतर को रेखांकित करते हुए कहा कि विपक्ष केवल बिहार को फिर से अंधकार में धकेलना चाहता है। उन्होंने पुनः लालू यादव के उस विवादास्पद बयान को दोहराया कि ‘अगर हम सड़क बनाएँगे, तो पुलिस आपके पास जल्दी पहुँच जाएगी।’ नड्डा ने सीधे तौर पर सवाल उठाया, ‘इतने साल बीत गए, क्या तेजस्वी यादव ने बिहार की जनता से इस बयान के लिए कभी माफ़ी मांगी? भला ये लोग किस बुनियाद पर सोचते हैं कि वे बिहार का भला कर सकते हैं?’
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समापन करते हुए, जेपी नड्डा ने गर्व से कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व में पिछले 20 वर्षों के अथक प्रयासों से आज हम एक ‘बदला हुआ बिहार’ देख रहे हैं। उन्होंने एक बार फिर विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि ‘इन्होंने राजनीति को इतने निचले स्तर पर पहुँचा दिया है, जिसकी कोई मिसाल नहीं।’ प्रधानमंत्री की दिवंगत माताजी के प्रति किए गए अपशब्दों और आज तक किसी भी पछतावे की कमी को उन्होंने ‘विपक्ष के चरित्र का काला अध्याय’ बताया। कांग्रेस द्वारा कल जारी किए गए वीडियो को उन्होंने ‘उनकी विकृत सोच का साक्षात् प्रमाण’ कहकर अपनी बात समाप्त की।
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