दिल्ली नगर निगम उपचुनाव: तीन पार्टियों में कड़ा मुकाबला, BJP और AAP की दो-दो सीटों पर जीत, कांग्रेस ने खोला खाता!
दिल्ली नगर निगम (MCD) के 12 वार्डों में हुए उपचुनाव के नतीजे अब सामने आने लगे हैं। वोटों की गिनती के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) और आम आदमी पार्टी (AAP) ने अब तक दो-दो सीटों पर अपनी जीत का परचम लहराया है। वहीं, कांग्रेस ने भी संगम विहार-A सीट जीतकर दिल्ली नगर निगम में अपना खाता खोलने में सफलता हासिल की है, जिसने चुनावी समीकरणों को और भी दिलचस्प बना दिया है।
BJP की शानदार जीत: चांदनी चौक और शालीमार बाग बी पर कब्जा
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीदवार सुमन कुमार गुप्ता ने चांदनी चौक वार्ड से शानदार जीत दर्ज की है। उन्होंने आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार हर्ष शर्मा को 1,182 मतों के भारी अंतर से परास्त किया। वहीं, अनीता जैन ने शालीमार बाग बी वार्ड से जीत हासिल की, यह सीट पहले मुख्यमंत्री रेखागुप्ता निगम पार्षद के रूप में संभाल रही थीं।
मतगणना प्रक्रिया: कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच जारी
एमसीडी के 12 वार्ड में हुए उपचुनाव के लिए सुबह आठ बजे से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 10 मतगणना केंद्रों पर मतों की गिनती शुरू हुई। दिल्ली पुलिस के करीब 1,800 कर्मियों और अर्द्धसैनिक बलों की 10 कंपनियों को इस संवेदनशील प्रक्रिया की निगरानी के लिए तैनात किया गया है। मतगणना के लिए कंझावला, पीतमपुरा, भरत नगर, सिविल लाइंस, राउज एवेन्यू, द्वारका, नजफगढ़, गोल मार्केट, पुष्प विहार और मंडावली में 10 केंद्र बनाए गए हैं।
रुझानों में बढ़त: BJP और AAP के बीच कांटे की टक्कर
शुरुआती रुझानों के अनुसार, भाजपा दिचाओं कलां और ग्रेटर कैलाश वार्ड में बढ़त बनाए हुए है, जबकि ‘आप’ नारायणा वार्ड में अपनी पकड़ मजबूत करती दिख रही है। यह दिखाता है कि दिल्ली की जनता का रुझान इन दोनों पार्टियों की ओर झुका हुआ है, जबकि अन्य पार्टियों को भी कुछ सीटों पर जीत हासिल हुई है।
उपचुनाव का महत्व: 2022 के चुनाव से तुलना
उपचुनाव के लिए 30 नवंबर को जिन 12 वार्ड में मतदान हुआ था, उनमें से नौ पर पहले भाजपा और बाकी पर आप के निगम पार्षद थे। यह उपचुनाव स्थानीय राजनीतिक परिदृश्य के लिए काफी महत्वपूर्ण है। उपचुनावों में मतदान प्रतिशत 38.51 प्रतिशत रहा, जो 2022 में एमसीडी के 250 वार्ड पर हुए चुनाव में 50.47 प्रतिशत मतदान से कम है। यह दर्शाता है कि इस बार के उपचुनावों में मतदाताओं की भागीदारी थोड़ी कम रही, लेकिन नतीजे अपने आप में काफी अहमियत रखते हैं।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
