अजित पवार की मौत: हादसा या राजनीतिक साजिश? विवाद और षड्यंत्र

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PEEYUSH UPADHYAY
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव...
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Ajit Pawar Death Conspiracy

अजित पवार की मौत: हादसा या राजनीतिक साजिश? पूरी जांच, विवाद और षड्यंत्र की कहानी

28 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख अजित पवार (Ajit Pawar) की बारामती एयरपोर्ट के पास एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई। यह घटना न केवल एक दुखद हादसा है, बल्कि राजनीतिक विवादों और षड्यंत्र थ्योरी का केंद्र बन गई है। इस लेख में हम घटना की पूरी डिटेल, राजनीतिक प्रतिक्रियाएं, जांच की स्थिति, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही साजिश की थ्योरी, पवार परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि, विमानन सुरक्षा पर विशेषज्ञ राय, महाराष्ट्र राजनीति पर प्रभाव और समान घटनाओं के ऐतिहासिक संदर्भ पर विस्तार से चर्चा करेंगे। यह रिपोर्ट वेब सर्च और विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है, जो इस घटना को गहराई से समझने में मदद करेगी।

घटना का पूरा विवरण: क्या हुआ था?

अजित पवार मुंबई से बारामती जा रहे थे, जहां वे महत्वपूर्ण राजनीतिक बैठकों में हिस्सा लेने वाले थे। वे एक लीर्जेट 45XR एयरक्राफ्ट में सवार थे, जिसमें पायलट, क्रू मेंबर और उनके सुरक्षा कर्मी समेत कुल पांच लोग थे। बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान खराब दृश्यता के कारण विमान रनवे के पास क्रैश हो गया और आग लग गई। सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। टीवी फुटेज में धुएं के गुबार और जलते हुए मलबे की तस्वीरें दिखाई गईं।

यह दुर्घटना सुबह 8:45 बजे हुई, जब मौसम की स्थिति ठीक नहीं थी। विमान मुंबई से 8:10 बजे उड़ा था और दूसरी लैंडिंग की कोशिश में रडार से गायब हो गया।  डीजीसीए (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) ने जांच शुरू कर दी है, जिसमें एयरक्राफ्ट की मेंटेनेंस, पायलट की गलती, सिस्टम फेल्योर या ओवरलोड जैसे कारकों पर फोकस है। प्रारंभिक रिपोर्ट्स में कोई तकनीकी खराबी का संकेत मिला है, लेकिन पूरी जांच अभी बाकी है। पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने पुष्टि की कि प्रभाव के बाद आग लग गई।

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र को सील कर दिया और बचाव दल ने मलबे से शव निकाले। बारामती, जो पवार परिवार का गढ़ है, में शोक की लहर दौड़ गई। हजारों समर्थक घटनास्थल पर जमा हो गए, और अंतिम संस्कार 29 जनवरी को बारामती में किया गया।

टाइमलाइन ऑफ इवेंट्स: घटना का क्रोनोलॉजिकल विवरण

  1. 8:10 AM: लीर्जेट 45XR मुंबई से बारामती के लिए उड़ान भरता है।
  2. 8:45 AM: लैंडिंग के दौरान क्रैश, आग लगने से सभी की मौत।
  3. 9:00 AM: मीडिया में खबरें ब्रेक, सोशल मीडिया पर अफवाहें शुरू।
  4. 10:00 AM: शरद पवार की पहली प्रतिक्रिया, साजिश से इनकार
  5. 11:00 AM: ममता बनर्जी का बयान, सुप्रीम कोर्ट जांच की मांग।
  6. दोपहर: विकिपीडिया अपडेट की अफवाह वायरल।
  7. शाम: अन्य विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाएं, बीजेपी का पलटवार।

अजीत पवार का राजनीतिक प्रोफ़ाइल

अजीत अनंतराव पवार महाराष्ट्र के वरिष्ठ राजनीतिज्ञ और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रभावशाली नेता थे। वे महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री के पद पर थे और राज्य की राजनीति में गहरा प्रभाव रखत

उनकी मौत से राज्य की राजनीतिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा है, क्योंकि वे पार्टी और प्रशासन दोनों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे।

परिवार और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

शरद पवार की प्रतिक्रिया: “शुद्ध हादसा, कोई साजिश नहीं”

अजित पवार के चाचा और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने भावुक होकर कहा, “यह शुद्ध हादसा है। इसमें कोई साजिश नहीं है। महाराष्ट्र ने एक सक्षम नेता खो दिया है, जिसकी क्षति कभी पूरी नहीं हो सकती।” उन्होंने राजनीतिकरण न करने की अपील की। सुप्रिया सुले, अजित की चचेरी बहन, ने भी यही बात दोहराई। अंतिम संस्कार में जनसागर उमड़ा, जहां शरद पवार ने कहा, “यह दुर्घटना है, राजनीति न लाएं।

ममता बनर्जी का आरोप: “राजनीतिक साजिश, सुप्रीम कोर्ट जांच हो”

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विवादास्पद बयान दिया। उन्होंने कहा, “दो दिन पहले खबरें थीं कि अजित पवार बीजेपी छोड़कर इंडिया ब्लॉक में वापस आना चाहते थे। अब यह हादसा? यह राजनीतिक साजिश लगती है। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होनी चाहिए, क्योंकि अन्य एजेंसियां समझौता कर चुकी हैं।” ममता ने सुरक्षा की कमी पर भी सवाल उठाए और अपनी दिल्ली यात्रा स्थगित कर दी।

अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाएं

  • अखिलेश यादव (सपा प्रमुख): “यह हादसा संदिग्ध लगता है। जांच जरूरी।
  • कांग्रेस नेता: “सुप्रीम कोर्ट जांच की मांग।”
  • उद्धव ठाकरे (शिवसेना यूबीटी): “फाउल प्ले की आशंका।”
  • बीजेपी: “यह वल्चर पॉलिटिक्स है। शरद पवार ने खुद साजिश से इनकार किया है।”
  • एकनाथ शिंदे (महाराष्ट्र सीएम): “ममता का बयान दुखद है। यह राजनीतिकरण है।”
  • राम मोहन नायडू (केंद्रीय मंत्री): “कोई साजिश नहीं, शुद्ध दुर्घटना।”

जांच और प्रारंभिक संकेत

दुर्घटना के बाद DGCA (Directorate General of Civil Aviation) और अन्य तकनीकी एजेंसियाँ जांच कर रही हैं। शुरुआती संकेत बताते हैं कि:

  • विमान रनवे से बाहर क्यों निकला – उत्तर पाने के लिए ब्लैक बॉक्स डेटा की जांच चल रही है
  • दूसरा अप्रोच (Second Approach) लेने के दौरान नियंत्रण खोने की संभावना
  • मौसम/टेक्निकल खराबी/पायलट निर्णय — सभी बिंदुओं पर समीक्षा जारी

अभी तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं आया है। DGCA की विस्तृत रिपोर्ट आने में कुछ समय लग सकता है।

षड्यंत्र थ्योरी: सोशल मीडिया और अफवाहें

घटना के बाद सोशल मीडिया पर षड्यंत्र थ्योरी वायरल हो गईं। एक प्रमुख थ्योरी विकिपीडिया अपडेट से जुड़ी है: दुर्घटना से घंटों पहले अजित पवार की विकिपीडिया पेज पर मौत की डेट अपडेट हो गई थी। फैक्ट-चेक में यह सामने आया कि यह संभवतः एडिट था, लेकिन इससे सवाल उठे। WION की रिपोर्ट में कहा गया कि यह स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं।

रेडिट और एक्स (पूर्व ट्विटर) पर यूजर्स ने लिखा: “अजित पवार के पास बीजेपी के भ्रष्टाचार की फाइल थी, इसलिए साजिश?” (Ajit Pawar death conspiracy) “यह राम राज्य में असुविधाजनक आवाजों का पैटर्न है।” कुछ ने जनरल बिपिन रावत की मौत से तुलना की, जहां भी साजिश थ्योरी थीं लेकिन जांच में पायलट एरर निकला।

एक्स पर पोस्ट्स में सीबीआई जांच की मांग, और कुछ ने कहा “अजित पवार की मौत गलत लगती है।” हालांकि, विशेषज्ञ कहते हैं कि षड्यंत्र थ्योरी अराजकता में सुकून देती हैं, लेकिन सबूतों पर आधारित नहीं। इंस्टाग्राम रील्स में “क्रैश या कांस्पिरेसी?” जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।

दुर्घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर कई अटकलें और कांस्पिरेसी थ्योरीज़ वायरल हो गईं। इसके मुख्य बिंदु थे:

  • राजनीतिक षड्यंत्र का दावा – कुछ पोस्ट ने कहा कि यह हादसा “साज़िश” हो सकती है
  • ब्लैक बॉक्स डेटा लीक का दावा – बिना आधिकारिक पुष्टि के कई यूज़र्स ने डाटा लीक होने का दावा किया
  • रख‑रखाव दोष – विमान के रख‑रखाव को लेकर अफ़वाहें फैलाई गईं

सरकारी और राजनीतिक प्रतिक्रिया

  • महाराष्ट्र सरकार और प्रधान मंत्री कार्यालय (PMO) ने शोक व्यक्त किया है।
  • DGCA ने जांच के लिए स्पष्ट आश्वासन दिया है।
  • राजनीतिक दलों ने पारदर्शी जांच की मांग की है
  • राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए सहायता राशि की घोषणा की है और जांच में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है।

पवार परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि: विभाजन से पुनर्मिलन की चर्चाएं

अजित पवार की मौत ऐसे समय हुई जब एनसीपी में विभाजन के बाद पुनर्मिलन की चर्चाएं चल रही थीं। 2023 में अजित ने शरद पवार से अलग होकर बीजेपी के साथ सरकार बनाई थी। हाल ही में, सुप्रिया सुले ने कहा था कि परिवार में कोई समस्या नहीं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया कि मौत से ठीक पहले मर्जर की संभावना थी, जो अब राजनीतिक परिदृश्य बदल सकती है।

पवार परिवार महाराष्ट्र राजनीति का स्तंभ है। शरद पवार ने एनसीपी की स्थापना की, और अजित कई बार डिप्टी सीएम बने। उनकी मौत से एनसीपी (अजित गुट) में नेतृत्व संकट हो सकता है, और शरद गुट मजबूत हो सकता है।

विमानन सुरक्षा पर विशेषज्ञ राय

एविएशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि लीर्जेट 45XR एक विश्वसनीय विमान है, लेकिन खराब मौसम और लैंडिंग एरर दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण होते हैं। डीजीसीए की जांच में तकनीकी फेल्योर, पायलट ट्रेनिंग और एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस होगा। समान घटनाओं में, जैसे 2021 की जनरल रावत क्रैश, मानवीय गलती निकली थी।

भारत में छोटे एयरक्राफ्ट दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, जो सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाती हैं। विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि राजनीतिक नेताओं के लिए स्पेशल प्रोटोकॉल जरूरी हैं।

महाराष्ट्र राजनीति पर प्रभाव

अजित पवार की मौत से महाराष्ट्र की महायुति सरकार पर असर पड़ेगा। एनसीपी के विधायकों में उथल-पुथल संभव, और इंडिया ब्लॉक मजबूत हो सकता है। आगामी चुनावों में बारामती सीट पर फोकस होगा। बीजेपी ने कहा कि यह राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल न हो।

समान ऐतिहासिक घटनाएं: भारत में राजनीतिक मौतों पर साजिश थ्योरी

भारत में कई राजनीतिक मौतों पर साजिश थ्योरी रही हैं, जैसे संजय गांधी की प्लेन क्रैश (1980), माधवराव सिंधिया (2001), और जनरल बिपिन रावत (2021)। इनमें ज्यादातर जांचों में दुर्घटना ही साबित हुई, लेकिन अफवाहें बनी रहीं। अजित पवार केस में भी यही पैटर्न दिख रहा है।

महत्वपूर्ण प्रश्न

Q1. क्या यह एक साधारण हादसा था?
A. फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक जानकारी इस दुर्घटना को दुर्घटना ही बताती है – षड्यंत्र या साजिश के ठोस प्रमाण नहीं मिल पाए हैं।

Q2. जांच रिपोर्ट कब तक आएगी?
A. विस्तृत DGCA रिपोर्ट आने में कई सप्ताह/महीने लग सकते हैं क्योंकि ब्लैक बॉक्स और तकनीकी डेटा की विस्तृत समीक्षा आवश्यक है।

Q3. क्या राजनीति पर इसका असर पड़ेगा?
A. हां – अजीत पवार की मौत से महाराष्ट्र के राजनीतिक संतुलन पर असर पड़ा है क्योंकि वे एक बड़ा नेता थे।

जांच की स्थिति और भविष्य

डीजीसीए की जांच जारी है। यदि साजिश साबित हुई, तो यह बड़ा राजनीतिक घोटाला होगा। फिलहाल, एनसीपी में उथल-पुथल है, और महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव संभव।

“षड्यंत्र थ्योरी हमें नियंत्रण का भ्रम देती हैं, लेकिन सच्चाई जांच से निकलेगी।” – एविएशन एक्सपर्ट


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पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव पत्रकारिता में 7+ वर्षों का है और वे निष्पक्ष, भरोसेमंद और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कई पुरस्कार और मान्यता प्राप्त की है, जिनमें 2022 में “Best Investigative Journalist” और 2021 में “Top 10 Editors in Uttarakhand” शामिल हैं।
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