दिल्ली के स्कूलों में दहशत: बम की धमकी से मचा हड़कंप, मचाया गया खाली।

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
4 Min Read
DPS द्वारका समेत दिल्ली के कई स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी, छात्रों और कर्मचारियों को बाहर निकाला गया

दिल्ली के स्कूलों में दहशत: बम की धमकियों ने बढ़ाई चिंता, सुरक्षा तंत्र अलर्ट पर

नई दिल्ली: शनिवार को दिल्ली के कई स्कूलों में आई बम की धमकी की कॉल ने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, इन धमकियों के बाद स्कूलों को तुरंत खाली कराया गया और बड़े पैमाने पर सुरक्षा जांच अभियान चलाया गया। दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) द्वारका, कृष्णा मॉडल पब्लिक स्कूल और सर्वोदय विद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान इस घटना के निशाने पर थे। पुलिस, अग्निशमन दल और बम निरोधक दस्ते तुरंत हरकत में आए और प्रभावित स्कूलों में पहुंचकर छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की। सभी को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया, जबकि विस्तृत तलाशी अभियान जारी है।

चिंताजनक है यह प्रवृत्ति: राष्ट्रीय राजधानी में लगातार मिल रही हैं धमकियां

यह घटना राष्ट्रीय राजधानी में हाल के दिनों में मिली इसी तरह की धमकियों की श्रृंखला की नवीनतम कड़ी है। पिछले सप्ताह, दिल्ली उच्च न्यायालय को भी बम की धमकी मिली थी, जिसके चलते हाई अलर्ट जारी किया गया, सुनवाई स्थगित कर दी गई और न्यायाधीशों, वकीलों, वादियों और कर्मचारियों को परिसर से बाहर निकाला गया।

सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन: सरकार का नया सुरक्षा प्रोटोकॉल

दिल्ली सरकार ने इन बढ़ते मामलों को गंभीरता से लेते हुए, दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार स्कूलों के लिए नए सुरक्षा नियम लागू किए हैं। यह बहुआयामी सुरक्षा प्रोटोकॉल चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है: रोकथाम, तैयारी, प्रतिक्रिया और पुनर्प्राप्ति।

क्या हैं नए सुरक्षा नियम?

  • सीसीटीवी कैमरों का विस्तार: स्कूलों को अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
  • नियमित निकासी अभ्यास: आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए स्कूलों को नियमित रूप से निकासी अभ्यास करने होंगे।
  • सुरक्षा जांच का आधुनिकीकरण: मौजूदा सुरक्षा जांच प्रक्रियाओं को अपडेट किया जाएगा।
  • दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष सहायता: आपातकाल की स्थिति में विकलांग बच्चों के लिए उचित सहायता सुनिश्चित की जाएगी।

इसके अतिरिक्त, अब प्रत्येक स्कूल को जिला अधिकारियों को अपनी मासिक सुरक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर निरंतर निगरानी रखी जा सके।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

ठीक एक महीने पहले भी, दिल्ली के स्कूलों को इसी तरह की धमकियों का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उन्हें हाई अलर्ट पर रखा गया था। 21 अगस्त, 2025 को, दिल्ली के कम से कम छह स्कूलों को निशाना बनाया गया था, जिसके बाद दिल्ली अग्निशमन सेवा सहित आपातकालीन टीमों द्वारा बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया था।

32 स्कूलों को ‘फर्जी’ बताई गई धमकियां

इससे पहले, 18 अगस्त को, राष्ट्रीय राजधानी के लगभग 32 स्कूलों को बम की धमकी मिली थी। हालांकि, बाद में इन धमकियों को ‘फर्जी’ करार दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से अधिकांश स्कूल दिल्ली के द्वारका क्षेत्र से थे, जिनमें दिल्ली पब्लिक स्कूल, बीजीएस इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, श्री वेंकटेश्वर स्कूल और ग्लोबल स्कूल जैसे नाम शामिल थे।

जांच जारी: धमकियों के स्रोत का पता लगाने की कोशिश

दिल्ली पुलिस इन धमकियों के स्रोत का पता लगाने के लिए सक्रिय रूप से जांच कर रही है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने एक अधिकारी के हवाले से बताया कि पुलिस सेवा प्रदाताओं के साथ समन्वय कर रही है ताकि भेजने वाले के आईपी एड्रेस का पता लगाया जा सके। यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस साल अन्य संस्थानों को मिली धमकियों के पीछे भी यही स्रोत जिम्मेदार है।


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है। Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Exit mobile version