जयपुर. नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने अब केंद्र सरकार से अंतरराज्यीय सौर एवं पवन ऊर्जा परियोजनाओं से उत्पादित बिजली का न्यूनतम 15 प्रतिशत गृह राज्य को निःशुल्क आवंटित करने की नीति बनाने की मांग की है. आरएलपी प्रमुख हनुमान बनेवाल ने मंगलवार रात सोशल मीडिया के जरिए यह जानकारी दी.
उन्होंने एक्स के माध्यम से कहा कि आज लोकसभा में नियम 377 के तहत मैंने अंतरराज्यीय सौर एवं पवन ऊर्जा परियोजनाओं से उत्पादित बिजली का न्यूनतम 15 प्रतिशत गृह राज्य को निःशुल्क आवंटित करने की नीति बनाने की मांग की. मैंने नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि राजस्थान देश में सौर एवं पवन ऊर्जा उत्पादन का प्रमुख केन्द्र बनकर उभरा है।
बेनीवाल ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर अंतरराज्यीय सौर एवं पवन ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं, जिसके लिए हजारों हेक्टेयर भूमि का उपयोग किया जा रहा है. इन परियोजनाओं के लिए राजस्थान की भूमि, प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय बुनियादी ढांचे का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है, लेकिन इन संयंत्रों से उत्पन्न अधिकांश बिजली अन्य राज्यों को आपूर्ति की जाती है। परिणामस्वरूप, जिस राज्य की भूमि और संसाधनों का उपयोग इन परियोजनाओं के लिए किया गया है, उसे अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है, इससे स्थानीय लोगों में असंतोष पैदा हो रहा है।
विद्युत उत्पादन का 13 प्रतिशत गृह राज्य को निःशुल्क आवंटित किया जाता है।
आरएलपी सांसद बेनीवाल ने कहा कि वर्तमान में केंद्र सरकार की जलविद्युत नीति 2008 के अनुसार, बिजली संयंत्रों में बिजली उत्पादन का 13 प्रतिशत बिजली गृह राज्य को मुफ्त आवंटित की जाती है, इसलिए अंतरराज्यीय सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ऐसी नीति बनाई जानी चाहिए, जिसके तहत कम से कम 15 प्रतिशत बिजली गृह राज्य को मुफ्त आवंटित करने का प्रावधान किया जाना चाहिए, ताकि स्थानीय लोगों को इन परियोजनाओं का लाभ मिल सके।
पीसी:एक्स
अपडेटेड खबरों के लिए हमारे व्हाट्सएप चैनल को फॉलो करें
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
