गोवा विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी और गोवा फॉरवर्ड पार्टी के गठबंधन ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। ‘गोवा फर्स्ट’ नाम से बने इस गठजोड़ ने कांग्रेस के सामने नई चुनौती खड़ी की है, जबकि दोनों दल इसे सत्ता बदलाव की दिशा में बड़ा कदम बता रहे हैं।
AAP और GFP ने मिलाया हाथ
आम आदमी पार्टी ने रविवार, 13 सितंबर को पणजी में गोवा फॉरवर्ड पार्टी के साथ गठबंधन का ऐलान किया। गठबंधन को ‘गोवा फर्स्ट’ नाम दिया गया है। इस मौके पर AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और GFP अध्यक्ष विजय सरदेसाई मौजूद रहे।
केजरीवाल ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी बहुमत हासिल नहीं कर पाएगी और गोवा की जनता बदलाव चाहती है। उन्होंने भरोसा जताया कि ‘गोवा फर्स्ट’ सरकार बनाएगा।
केजरीवाल के बयान पर कांग्रेस का पलटवार
गठबंधन की घोषणा के दौरान केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी का वोटर आम तौर पर कांग्रेस को वोट नहीं देता। उनके मुताबिक, बीजेपी से नाराज मतदाता ‘गोवा फर्स्ट’ की ओर जा सकते हैं।
यही बयान कांग्रेस के निशाने पर आ गया। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर केजरीवाल के बयान को साझा करते हुए AAP पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि AAP को उन्होंने पहले ही “इंग्लिश-मीडियम वाली BJP” बताया था और केजरीवाल का बयान दोनों दलों के बीच कथित समानता को स्वीकार करने जैसा है।
विजय सरदेसाई बोले- गोवा का हित प्राथमिकता
GFP अध्यक्ष विजय सरदेसाई ने गठबंधन को जरूरी बताते हुए कहा कि दोनों दलों का मुख्य उद्देश्य गोवा के हितों को प्राथमिकता देना है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि गठबंधन के दरवाजे अन्य समान विचारधारा वाली राजनीतिक ताकतों के लिए खुले हैं।
सरदेसाई के मुताबिक, कई लोग दोनों दलों के संपर्क में हैं। इनमें ऐसे नेता भी शामिल हैं जो अपनी मौजूदा पार्टी की राजनीति से कथित तौर पर असंतुष्ट हैं।
कौन हैं विजय सरदेसाई?
विजय सरदेसाई गोवा की राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा हैं। वह मनोहर पर्रिकर और प्रमोद सावंत सरकार में उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं। कृषि तथा नगर एवं ग्राम नियोजन जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी भी उनके पास रही है।
उन्होंने 25 जनवरी 2016 को गोवा फॉरवर्ड पार्टी की स्थापना की थी। अब AAP के साथ गठबंधन के जरिए वह एक बार फिर राज्य की चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की कोशिश कर रहे हैं।
चुनाव से पहले बदलेगा सियासी समीकरण?
‘गोवा फर्स्ट’ का ऐलान ऐसे समय हुआ है जब विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल अपनी रणनीति मजबूत करने में जुटे हैं। AAP और GFP का गठबंधन बीजेपी और कांग्रेस दोनों के सामने नए समीकरण पेश कर सकता है।
हालांकि गठबंधन को चुनावी सफलता कितनी मिलेगी, इसका फैसला मतदाता करेंगे। फिलहाल इतना साफ है कि गोवा की राजनीति में मुकाबला अब और दिलचस्प हो गया है और आने वाले महीनों में गठबंधन की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
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