केरल नन का CM विजयन पर विवादित बयान: चर्च में हड़कंप, पुलिस जांच में जुटी

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'हत्या कर दो CM विजयन की', केरल की नन के सनसनीखेज फेसबुक पोस्ट से हड़कंप, जांच जारी

राजनीति में जहर: केरल CM को जान से मारने की धमकी, विवाद गरमाया

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को जान से मारने की धमकी ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। यह सनसनीखेज धमकी एक फेसबुक पोस्ट के माध्यम से दी गई है, जिसने पूरे मामले को एक बड़े विवाद में बदल दिया है। सेल्टन डिसूजा, जो पेशे से एक वकील भी हैं, ने स्थानीय निकाय चुनावों के प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री विजयन की ‘हत्या’ करने की वकालत की। उनके शब्दों में, “कम से कम चुनाव प्रचार के दौरान तो किसी को बम फेंककर उन्हें मार देना चाहिए।” उन्होंने राजीव गांधी जैसे नेक इंसान की हत्या का उदाहरण देते हुए अपनी बात को और वजनदार बनाने की कोशिश की।

इस बीच, मदर ऑफ कार्मेल की धर्मसभा ने एक महत्वपूर्ण खुलासा करते हुए बताया कि डिसूजा की सदस्यता 2009 में ही विधिवत समाप्त कर दी गई थी। इसलिए, उन्हें धर्मसभा की धार्मिक पोशाक पहनने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। रिपोर्टों से यह भी पता चलता है कि डिसूजा ट्वेंटी20 राजनीतिक दल के समर्थक हैं।

दूसरी ओर, केरल के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने टीना जोस की एक फेसबुक टिप्पणी पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उनका कहना है कि इस तरह का बयान किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है, क्योंकि यह सीधे तौर पर किसी व्यक्ति की जान को खतरे में डालता है।

यह कोई अकेला मामला नहीं है। जून की शुरुआत में, पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था जिसने कथित तौर पर गाजियाबाद पुलिस नियंत्रण कक्ष को कॉल करके मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को जान से मारने की धमकी दी थी। इस कॉल की सूचना दिल्ली पुलिस को भी दी गई थी। कॉल करने वाले की पहचान गाजियाबाद निवासी श्लोक तिवारी के रूप में हुई, जो एक स्थानीय अदालत में डीड राइटर के तौर पर काम करता है और कानून की पढ़ाई भी कर रहा है। जांचकर्ताओं के अनुसार, तिवारी तब निराश हो गया था जब पुलिस ने उसके और उसकी अलग रह रही पत्नी के बीच चल रहे विवाद में हस्तक्षेप नहीं किया, जिसके चलते उसने यह खौफनाक कदम उठाया। अधिकारियों ने यह भी खुलासा किया कि तिवारी ने फरवरी से जून के बीच आपातकालीन हेल्पलाइन पर 40 से ज़्यादा बार कॉल किया था।

ये घटनाएं राजनीति में बढ़ती असहिष्णुता और हिंसक प्रवृति की ओर इशारा करती हैं, जो समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।


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