आईआरसीटीसी घोटाला: रविशंकर प्रसाद का लालू परिवार पर तीखा प्रहार, “जमीन हड़प ली, अब नौकरी का झूठा वादा”
पटना/दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने रविवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर ज़ोरदार हमला बोला। दिल्ली की विशेष अदालत द्वारा लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव के खिलाफ आईआरसीटीसी घोटाला मामले में धोखाधड़ी (धारा 420) के तहत आरोप तय किए जाने के बाद प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राजद पर “भ्रष्टाचार के मॉडल” को अपनाने का आरोप लगाया।
“चारा, कोलतार और हेराफेरी: लालू का शासन मॉडल”
रविशंकर प्रसाद ने सवाल उठाया कि तेजस्वी यादव, जिनके खिलाफ अदालत ने धोखाधड़ी का आरोप तय किया है, बिहार को कैसे बदल सकते हैं। उन्होंने कहा, “क्या यही वह सामाजिक न्याय है जिसकी तेजस्वी और उनके परिवार के सदस्य बात करते हैं?” प्रसाद ने आरोप लगाया कि लालू प्रसाद का शासन मॉडल “चारा खाना, कोलतार पीना, सरकारी ठेके देने में हेराफेरी करना और नौकरी का वादा करके जमीन हासिल करना” रहा है। भाजपा नेता ने लोगों से तेजस्वी के रोजगार के वादों के झांसे में न आने की अपील करते हुए कहा, “आपको नौकरी तो नहीं मिलेगी, लेकिन अपनी जमीन गंवा देंगे।”
होटलों की आड़ में ज़मीन हड़पने का खेल: रविशंकर प्रसाद का विस्तृत खुलासा
रविशंकर प्रसाद ने मामले की तह तक जाते हुए बताया कि यह पूरा खेल रेलवे के दो होटलों, बीएनआर होटल (रांची) और पुरी स्थित होटल के रखरखाव से शुरू हुआ। रेलवे इन होटलों को लीज पर देना चाहता था। पटना की सुजाता होटल्स को योग्य पाया गया, जबकि अन्य निविदाएं खारिज कर दी गईं। प्रसाद ने आरोप लगाया कि होटल मालिकों, कोचर बंधुओं, के पास पटना में 93 करोड़ रुपये का 3 एकड़ का प्लॉट था, जिसे पहले प्रेम गुप्ता की पत्नी द्वारा संचालित कंपनी और फिर “कम कीमत पर यादव परिवार को बेच दिया गया”।
उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा, “1993 से 2007 तक, तेजस्वी यादव के पास 9 कृषि भूमि थी और 2 गैर-कृषि भूमि, पटना में 1 व्यावसायिक प्लॉट और भोपाल में 1। राबड़ी देवी के पास पटना में 3 कृषि और 4 गैर-कृषि भूमि, 1 व्यावसायिक और 5 आवासीय प्लॉट हैं।” प्रसाद ने सवाल उठाया कि उनकी आय का स्रोत क्या है और किस आधार पर बिहार के हर परिवार को नौकरी का वादा करके लुभाया जा रहा है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा, “उनका रिकॉर्ड रेलवे की संपत्ति बेचकर मुनाफा कमाने का है।”
कोर्ट का फ़ैसला: लालू परिवार पर कसता शिकंजा
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आईआरसीटीसी घोटाला मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ सोमवार को आरोप तय किए। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने माना कि आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है और भूमि हस्तांतरण के संबंध में गंभीर संदेह है। आरोप पढ़े जाने के बाद लालू और उनके परिवार ने खुद को निर्दोष बताया और मुकदमे का सामना करने की बात कही। यह मुकदमा अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में शुरू होने की संभावना है।
सीबीआई की चार्जशीट: क्या है पूरा खेल?
सीबीआई के आरोपपत्र के अनुसार, 2004 से 2014 के बीच एक कथित साजिश रची गई थी। इसके तहत पुरी और रांची स्थित भारतीय रेलवे के बीएनआर होटलों को पहले आईआरसीटीसी को सौंपा गया और फिर बिहार के पटना स्थित सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड को पट्टे पर दे दिया गया। एजेंसी का आरोप है कि निविदा प्रक्रिया में धांधली और हेराफेरी की गई, और निजी संस्था सुजाता होटल्स को फायदा पहुंचाने के लिए शर्तों में फेरबदल किया गया। आरोपपत्र में आईआरसीटीसी के समूह महाप्रबंधक वी के अस्थाना और आर के गोयल के साथ-साथ सुजाता होटल्स के निदेशक और चाणक्य होटल के मालिक विजय कोचर और विनय कोचर के नाम भी शामिल हैं।
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