संसद के शीतकालीन सत्र का चौथा दिन: प्रदूषण से लेकर अर्थव्यवस्था तक, गूंजे मुद्दे
संसद के शीतकालीन सत्र का चौथा दिन, आज दोनों सदनों में सामान्य कामकाज के साथ-साथ गंभीर मुद्दों पर गरमागरम बहस का साक्षी बना। जहाँ एक ओर वायु प्रदूषण ने विपक्ष को एकजुट कर विरोध प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया, वहीं दूसरी ओर गिरते रुपए को लेकर भी आवाजें बुलंद हुईं। वक्फ पंजीकरण की समयसीमा बढ़ाने और डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय कानून की मांग जैसे मुद्दे भी सदन में उठाए गए, जबकि सरकार ने न्यायाधीशों की आयु सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव को फिलहाल विचाराधीन न होने की बात कही।
लोकसभा में प्रमुखता से उठे मुद्दे:
- जल जीवन मिशन: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने ‘जल जीवन मिशन’ के तहत सांसदों द्वारा उठाई गई शिकायतों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, साथ ही प्रधानमंत्री के हर घर नल से जल पहुंचाने के संकल्प को दोहराया।
- पान मसाला पर उपकर: कांग्रेस ने पान मसाला पर उपकर लगाने वाले विधेयक को ‘इंस्पेक्टर राज’ की वापसी बताया, जबकि सरकार ने स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संसाधन जुटाने के उद्देश्य से इस कदम की सराहना की।
- टोल संग्रह प्रणाली: केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अगले एक साल में टोल संग्रह की मौजूदा प्रणाली को समाप्त कर इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली लागू करने की घोषणा की, जिससे यात्रियों की यात्रा निर्बाध हो सकेगी।
- सुरक्षा को लेकर मांगें: भाजपा सांसद अरुण गोविल ने मस्जिदों और मदरसों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की, वहीं कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कोचिंग प्रणाली पर सवाल उठाते हुए नीट परीक्षा की समीक्षा की मांग की।
- नकली कफ सिरप का मुद्दा: समाजवादी पार्टी की सांसद ने उत्तर प्रदेश में नकली कफ सिरप से हुई मौतों का मामला उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
राज्यसभा में चर्चा के मुख्य बिंदु:
- मानव तस्करी: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि देश में मानव तस्करी के सर्वाधिक मामले पंजाब से सामने आए हैं, और राज्य सरकार ने इसकी जांच के लिए विशेष दल गठित किया है।
- वायु गुणवत्ता पर कटाक्ष: बीजू जनता दल की सुलता देव ने ‘400 पार’ के नारे पर कटाक्ष करते हुए दिल्ली के वायु गुणवत्ता सूचकांक के 400 पार जाने का जिक्र किया।
- नियम 267 का दायरा: सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने नियम 267 के दायरे को स्पष्ट करते हुए कहा कि केवल एजेंडे में शामिल विषयों पर ही चर्चा हो सकती है।
- रुपये की गिरावट पर चिंता: कांग्रेस सदस्य विवेक के तन्खा ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में आई तीव्र गिरावट पर चिंता व्यक्त करते हुए आम लोगों की आर्थिक तकलीफ बढ़ने की बात कही।
कुल मिलाकर, संसद का चौथा दिन विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर गरमागरम चर्चा और महत्वपूर्ण घोषणाओं का दिन रहा, जो देश के नागरिकों के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं।
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