वंदे मातरम पर फिर सियासी संग्राम, यूपी से केरल तक बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने, बढ़ी राजनीतिक गर्मी

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PEEYUSH UPADHYAY
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव...
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वंदे मातरम, जिसे आजादी के आंदोलन की भावनाओं से जोड़ा जाता है, एक बार फिर सियासी बहस के केंद्र में है। उत्तर प्रदेश से केरल तक बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं। राष्ट्रगीत को लेकर सम्मान, इतिहास, विचारधारा और वोट बैंक की राजनीति जैसे सवाल फिर सार्वजनिक बहस में उभर आए हैं।

राष्ट्रगीत पर फिर आमने-सामने बीजेपी-कांग्रेस

वंदे मातरम को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हमले के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर ‘दिखावटी राष्ट्रवाद’ का आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना है कि सरकार जनता से जुड़े मुद्दों और कथित नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए राष्ट्रगीत को राजनीतिक बहस का हिस्सा बना रही है।

बीजेपी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस के रुख को वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति से जोड़ दिया है।

कांग्रेस ने 1937 के प्रस्ताव का दिया हवाला

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए 28 अक्टूबर 1937 के कांग्रेस कार्यसमिति प्रस्ताव का उल्लेख किया। उनके मुताबिक उस दौर में जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस और मौलाना अबुल कलाम आजाद समेत कई प्रमुख नेताओं ने इस विषय पर विचार किया था।

कांग्रेस का कहना है कि वह इसी ऐतिहासिक निर्णय और परंपरा के अनुरूप वंदे मातरम का सम्मान करती रही है।

1950 में मिला राष्ट्रीय गीत का दर्जा

वंदे मातरम के इतिहास की बात करें तो संविधान सभा की अंतिम बैठक के दौरान 25 जनवरी 1950 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने ‘जन गण मन’ को राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकार किए जाने की घोषणा की थी।

यही ऐतिहासिक पृष्ठभूमि आज की राजनीतिक बहस को और संवेदनशील बना देती है।

केरल में बीजेपी का विरोध कार्यक्रम

केरल में विवाद ने अलग रूप ले लिया है। बीजेपी ने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस समारोहों में वंदे मातरम को कथित तौर पर शामिल नहीं किया गया। पार्टी ने इसके विरोध में राज्य के सभी संगठनात्मक जिला मुख्यालयों पर कार्यक्रम आयोजित करने का ऐलान किया।

बीजेपी ने राज्य सरकार पर तुष्टीकरण की राजनीति के आरोप भी लगाए हैं।

यूपी में भी बयानबाजी तेज

उत्तर प्रदेश में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पुराने फैसले पर अड़ी हुई है और उसका रुख वोट बैंक की राजनीति से प्रभावित है।

वहीं, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह ने बीजेपी के राष्ट्रवाद के दावों पर सवाल उठाए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम लंबे समय से गाया जाता रहा है।

राष्ट्रगीत से आगे बढ़कर बड़ा राजनीतिक सवाल

वंदे मातरम पर जारी विवाद केवल एक गीत को लेकर मतभेद नहीं है। इसके पीछे इतिहास की अलग-अलग व्याख्याएं, राजनीतिक विचारधाराएं और राष्ट्रवाद की परिभाषा जुड़ी हुई हैं।

लोकतंत्र में बहस स्वाभाविक है, लेकिन सवाल यह भी है कि क्या राष्ट्रीय प्रतीकों को राजनीतिक टकराव से ऊपर रखकर सम्मान दिया जा सकता है। शायद यही इस पूरे विवाद का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है।


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पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव पत्रकारिता में 7+ वर्षों का है और वे निष्पक्ष, भरोसेमंद और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कई पुरस्कार और मान्यता प्राप्त की है, जिनमें 2022 में “Best Investigative Journalist” और 2021 में “Top 10 Editors in Uttarakhand” शामिल हैं।
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