AMN. राम मंदिर चंदा घोटाले में बड़ी खबर सामने आई है. जानकारी के मुताबिक, राम जन्मभूमि ट्रस्ट के दो सदस्यों चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है. एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट में सख्त सिफारिशों के बाद ये बड़ा फैसला लिया गया. एसआईटी की सिफारिश पर मामले में पहली एफआईआर पहले ही दर्ज की जा चुकी है. इस्तीफों को जांच में हुई कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है.
सीएम ने अपनाया सख्त रुख
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख और एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के बाद यह सब सामने आया है। इससे पहले इसी मामले में पहली एफआईआर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर दर्ज की गई थी. एफआईआर में आठ लोगों को नामजद किया गया है, जबकि कई अन्य अज्ञात लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
इस्तीफे पर भी चर्चा
इसी क्रम में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को भी जांच से जोड़कर देखा जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही इस मामले में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच के संकेत दे चुके हैं। सरकार का कहना है कि अगर जांच में किसी भी स्तर पर कोई अनियमितता या जिम्मेदारी तय होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी. चंपत राय विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता रहे हैं। उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है. डॉ. अनिल मिश्रा अयोध्या के वरिष्ठ चिकित्सक हैं और लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं।
पीसी- आज तक
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