ईपीएफओ 3.0: भविष्य निधि सेवाओं का डिजिटल कायाकल्प, सदस्यों के लिए बेहतर भविष्य की राह
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, अपनी सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए ईपीएफओ 3.0 नामक एक महत्वाकांक्षी डिजिटल परिवर्तन पहल को हरी झंडी दे दी है। यह पहल पूरी तरह से सदस्य-केंद्रित है और इसका लक्ष्य भविष्य निधि सेवाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। इस क्रांतिकारी बदलाव के तहत, ईपीएफओ के कोर बैंकिंग समाधान को अत्याधुनिक क्लाउड और एपीआई-आधारित मॉड्यूल से जोड़ा जाएगा।
इस उन्नत प्रणाली का मुख्य उद्देश्य दावों की प्रक्रिया को अत्यंत तेज और स्वचालित बनाना है। सदस्य अब तुरंत अपनी भविष्य निधि राशि की निकासी कर सकेंगे, और एक बहुभाषी स्वयं-सेवा मंच के माध्यम से अपनी आवश्यकताओं को आसानी से पूरा कर पाएंगे। साथ ही, पेरोल से जुड़े योगदानों को भी निर्बाध और सहज बनाया जाएगा।
इतना ही नहीं, केंद्रीय न्यासी मंडल ने ईपीएफओ के ऋण पोर्टफोलियो के प्रबंधन के लिए पांच साल की अवधि के लिए चार प्रतिष्ठित कोष प्रबंधकों के चयन को भी मंजूरी दी है। यह महत्वपूर्ण निर्णय सदस्यों के भविष्य निधि बचत पर रिटर्न को अधिकतम करने और निवेश में विविधता लाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री, डॉ. मनसुख मांडविया ने बैठक के दौरान ईपीएफओ की प्रमुख डिजिटल पहलों का विधिवत उद्घाटन किया। इन पहलों से सेवा वितरण में अभूतपूर्व पारदर्शिता, दक्षता और उपयोगकर्ता अनुभव में उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित होगा। श्रम मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया है कि इन क्रांतिकारी निर्णयों से ईपीएफओ के करोड़ों सदस्यों को न केवल वित्तीय सुरक्षा मिलेगी, बल्कि वे आधुनिक, डिजिटल और अत्यंत सुलभ सेवाओं का भी लाभ उठा पाएंगे, जो उनके वित्तीय भविष्य को और अधिक सुरक्षित और समृद्ध बनाएंगी।
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