जब अंतरंगता दर्द का सबब बन जाए: कारण और राहत के उपाय
यौन संबंध, सुख और जुड़ाव का एक खूबसूरत अनुभव होना चाहिए, लेकिन दुर्भाग्यवश, कई महिलाओं के लिए यह सिर्फ़ दर्द का कारण बन जाता है। यौन संबंध के दौरान होने वाला दर्द कोई असामान्य बात नहीं है, जिसे अक्सर महिलाएं नज़रअंदाज़ कर देती हैं या फिर इस पर खुलकर बात करने से कतराती हैं। हकीकत यह है कि यह दर्द एक संकेत है, जो आपका शरीर आपसे कुछ कहना चाहता है और इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। अच्छी खबर यह है कि इस समस्या का समाधान भी संभव है।
यह लेख आपको उन आम कारणों से रूबरू कराएगा, जिनकी वजह से यौन संबंध के दौरान दर्द का अनुभव हो सकता है। थोड़ी सी जागरूकता और देखभाल से आप अपने शरीर को स्वस्थ रख सकती हैं और इन परेशानियों से निजात पा सकती हैं।
यौन संबंध के समय दर्द के 5 मुख्य कारण:
1. योनि का सूखापन (Vaginal Dryness):
पर्याप्त लुब्रिकेशन की कमी, यानी योनि का सूखापन, दर्द का एक सबसे आम कारण है। घर्षण के कारण यौन संबंध के दौरान दर्द हो सकता है।
2. पेल्विक फ्लोर में तनाव (Pelvic Floor Tension):
पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां जब अत्यधिक तनाव में होती हैं, तो यह यौन संबंध के दौरान दर्द का कारण बन सकती हैं।
3. हार्मोनल असंतुलन (Hormonal Imbalance):
प्रसव के बाद या पेरिमेनोपॉज (रजोनिवृत्ति से पहले का चरण) के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव योनि में सूखापन और दर्द का कारण बन सकते हैं।
4. एंडोमेट्रियोसिस या फाइब्रॉएड (Endometriosis or Fibroids):
ये ऐसी मेडिकल स्थितियाँ हैं जो यौन संबंध के दौरान दर्द पैदा करती हैं। एंडोमेट्रियोसिस में गर्भाशय की अंदरूनी परत का ऊतक बाहर बढ़ने लगता है। इसके लक्षणों में पीरियड्स में दर्द, अत्यधिक रक्तस्राव और कभी-कभी यौन संबंध के दौरान दर्द शामिल है। फाइब्रॉएड गर्भाशय में होने वाली गांठें हैं, जो भी दर्द का कारण बन सकती हैं।
5. वैजिनीस्मस (Vaginismus):
इस स्थिति में, जब भी कोई चीज़ योनि में प्रवेश करने की कोशिश करती है, जैसे कि यौन संबंध या टैम्पोन, तो योनि की मांसपेशियां कस जाती हैं। इससे हल्के से लेकर गंभीर दर्द हो सकता है।
दर्द से राहत के 2 असरदार उपाय:
हर समस्या का समाधान मौजूद है, और सबसे महत्वपूर्ण है इसके प्रति जागरूक होना और सही मदद लेना। इस दर्द को कम करने और यौन संबंधों को सुखद बनाने के लिए, दो विशेष योगासन बहुत फायदेमंद हो सकते हैं। ये आसन शरीर की मांसपेशियों को आराम देते हैं और तनाव को कम करते हैं। आप इन्हें बिस्तर पर लेटे-लेटे भी आसानी से कर सकती हैं।
1. हैप्पी बेबी पोज (Happy Baby Pose):
यह योगासन अत्यंत सरल है और इसे घर पर आसानी से किया जा सकता है। इसका नाम ‘हैप्पी बेबी पोज’ इसलिए है क्योंकि इसे करते समय आपके शरीर की मुद्रा एक खुश और झूमते हुए बच्चे जैसी हो जाती है।
यह आसन उन महिलाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी है जो यौन संबंध के दौरान दर्द का अनुभव करती हैं। यह पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को ढीला करने और कूल्हों को खोलने में मदद करता है। इस आसन के नियमित अभ्यास से पेल्विक फ्लोर में तनाव, योनि का सूखापन और हार्मोनल असंतुलन के कारण होने वाले दर्द से राहत मिल सकती है।
- कैसे करें:
- पीठ के बल लेट जाएं।
- घुटनों को छाती की ओर मोड़ें।
- हाथों से पैरों के बाहरी किनारों को पकड़ें।
- पैरों को धीरे-धीरे फैलाएं और हाथों से नीचे की ओर खींचें।
- धीरे-धीरे बाएं से दाएं हिलें और गहरी सांस लेती रहें।
- इस मुद्रा में 30-60 सेकंड तक रहें।
2. लेग्स अप द वॉल (Legs Up the Wall Pose):
यह भी एक आसानी से किया जाने वाला योगासन है, जो शरीर को शांत करने के साथ-साथ पेल्विक क्षेत्र में रक्त संचार को बेहतर बनाता है।
यह आसन पेल्विक फ्लोर के तनाव को कम करने में प्रभावी है। यदि आपको वैजिनीस्मस, एंडोमेट्रियोसिस या फाइब्रॉएड के कारण यौन संबंध के दौरान दर्द होता है, तो ‘लेग्स अप द वॉल’ का नियमित अभ्यास करें।
- कैसे करें:
- सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं।
- फिर कूल्हों को दीवार से सटाकर पैरों को सीधा ऊपर की ओर उठाएं, जिससे कि पैर दीवार पर टिक जाएं।
- अपनी भुजाओं को शरीर के बगल में रखें।
- इस मुद्रा में 3 से 5 मिनट तक रहें और धीमी और गहरी सांस लेती रहें।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य सलाह के लिए है। इसे किसी डॉक्टर या चिकित्सा पेशेवर की सलाह के विकल्प के रूप में न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में, कृपया डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
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