ज्योतिष: 24 सितंबर 2025 का पंचांग
आज का पंचांग:
24 सितंबर 2025 का दिन हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार आश्विन, शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि होगी। यह विक्रम संवत 2082 (कलियुक्ता) के वर्ष के रूप में जाना जाएगा। इस दिन सूर्य कन्या राशि में गोचर करेंगे, जिसे वृश्चिक (Virgo) के नाम से भी जाना जाता है। हालांकि इस विशेष तिथि के लिए किसी विशेष त्योहार का उल्लेख नहीं है, यह हिंदू चंद्र पंचांग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो दैनिक गतिविधियों और आध्यात्मिक अनुष्ठानों को दिशा प्रदान करता है।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय 🌕☀️
- सूर्योदय: 05:47 पूर्वाह्न
- सूर्यास्त: 05:52 अपराह्न
- चंद्रोदय: 07:45 पूर्वाह्न
- चंद्रास्त: 07:08 अपराह्न
दैनिक पंचांग 📝
- तिथि: तृतीया, रात्रि भर
- नक्षत्र: चित्रा, शाम 04:16 बजे तक
- योग: इंद्र, रात्रि 09:03 बजे तक
- अगला नक्षत्र: स्वाति
- अगला योग: वैधृति
- करण: तैतिला, शाम 05:56 बजे तक
- काम करने के दिन: बुधवार
- अगला करण: गैराज, रात भर
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
चंद्र कैलेंडर विवरण 🗓️
- विक्रम संवत: 2082 कलायुक्त
- संवत्सर: कालायुक्त, 25 अप्रैल 2025, दोपहर 03:07 बजे तक
- शक संवत: 1947 विश्वावसु
- अगला संवत्सर: सिद्धार्थ
- गुजराती संवत: 2081 नाला
- चंद्रमास: अश्विन – पूर्णिमांत
- दाएँ/गेट: 8
- अगला चंद्रमास: अश्विन – अमंता
राशि और नक्षत्र ♈️
- राशि: तुला
- नक्षत्र पद: चित्रा, सुबह 09:36 बजे तक
- सूर्य राशि: कन्या
- अगला नक्षत्र पद: चित्रा, शाम 04:16 बजे तक
- सूर्य नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी
- अगला सूर्य नक्षत्र: स्वाति, रात 10:58 बजे तक
- सूर्य पद: उत्तरा फाल्गुनी
- अगला सूर्य पद: स्वाति, 25 सितंबर, सुबह 05:41 बजे तक
- अगला सूर्य पद: स्वाति
ऋतु और संक्रांति 🍂
- द्रिक ऋतु (सीज़न): शरद (शरद ऋतु)
- दिन की लंबाई: 12 घंटे 04 मिनट 59 सेकंड
- वैदिक ऋतु (ऋतु): शरद (शरद ऋतु)
- रात की लंबाई: 11 घंटे 55 मिनट 24 सेकंड
- द्रिक अयाना (संक्रांति): दक्षिणायन
- सौर दोपहर: 11:50 पूर्वाह्न
- वैदिक अयन (संक्रांति): दक्षिणायन
शुभ और अशुभ समय ⏱️
- ब्रह्म मुहूर्त: 04:12 पूर्वाह्न से 05:00 पूर्वाह्न तक
- प्रातः संध्या: 04:36 पूर्वाह्न से 05:47 पूर्वाह्न तक
- अभिजीत मुहूर्त: कोई नहीं
- विजय मुहूर्त: 01:51 अपराह्न से 02:39 अपराह्न तक
- गोधूलि मुहूर्त: 05:52 अपराह्न से 06:16 अपराह्न तक
- सयाहना संध्या: 05:52 अपराह्न से 07:04 अपराह्न तक
- अमृत कलाम: सुबह 9:11 से 10:57 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: 11:26 PM से 12:14 AM, 25 सितंबर
- रवि योग: 04:16 PM से 05:48 AM, 25 सितंबर
- राहु कालम्: सुबह 11:50 से दोपहर 1:20 बजे तक
- यामागांडा: 07:18 पूर्वाह्न से 08:48 पूर्वाह्न तक
- गुलिकाई कलम: सुबह 10:19 से 11:50 बजे तक
- विदाल योग: 05:47 पूर्वाह्न से 04:16 अपराह्न तक
- वर्ज्यम: 10:33 PM से 12:20 AM, 25 सितंबर
- दुर मुहूर्तम्: सुबह 11:26 से दोपहर 12:14 बजे तक
- बाना: चोरा, सुबह 05:47 बजे तक
निवास और शूल 🏠
- घर: रविवार, शाम 04:16 बजे तक
- दिशा शूल: उत्तर
- अगला होमाहुति: बुद्ध
- चंद्र वास: पश्चिम
- अग्निवास: पृथ्वी
- राहु वास: दक्षिण पश्चिम
- शिववास: सभा में
- कुंभ चक्र: पूर्व
अन्य कैलेंडर और युग 🌎
- कलियुग: 5126 वर्ष
- लाहिड़ी अयनांशा: 24.223246
- काली अहरगना: 1872477 दिन
- रेट डाई: 739518
- जूलियन कैलेण्डर का दिन: 11 सितंबर, 2025 ई.
- जूलियन डे: 2460942.5 दिन
- राष्ट्रीय नागरिक तिथि: अश्विन 02, 1947 शक
- संशोधित जूलियन दिवस: 60942 दिन
- राष्ट्रीय निरयण तिथि: अश्विन 09, 1947 शक
चंद्रबलम और ताराबलम 🌛
- अगले दिन सूर्योदय तक शुभ चंद्रबल: मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर
- अष्टम चन्द्र के लिए: मीन राशि, पूर्वा भाद्रपद अंतिम पद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती
- शुभ तरबलम 04:16 PM तक: भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वा आषाढ़, श्रवण, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती
- अगले दिन सूर्योदय तक शुभ तरबलम: अश्विनी, कृत्तिका, मृगशीर्ष, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तरा आषाढ़, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद
पंचक रहित मुहूर्त एवं उदय लग्न 🌅
- पंचक रहित मुहूर्त: दिन भर में कई समयावधियाँ
- उदय लग्न मुहूर्त: दिन भर में कई लग्न
नोट: सभी समय वाराणसी को केंद्र मानकर भारतीय स्थानीय समय के अनुसार 12 घंटे के प्रारूप में दिखाए गए हैं। आधी रात (12 बजे) के बाद के घंटों को अगले दिन की तारीख के साथ अंकित किया जाता है। पंचांग में, एक दिन सूर्योदय से शुरू होता है और अगले सूर्योदय पर समाप्त होता है।
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