बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप: आयुष शेट्टी का ऐतिहासिक सफर, सिल्वर मेडल जीतकर रचा इतिहास
बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के फाइनल में भारत के उभरते सितारे आयुष शेट्टी ने सिल्वर मेडल जीतकर तिरंगे का मान बढ़ाया है। हालांकि, खिताबी मुकाबले में उन्हें चीन के दिग्गज खिलाड़ी शी यू क्यूई से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन आयुष ने इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए भविष्य के लिए बड़ी उम्मीदें जगाई हैं। शेट्टी ने इस टूर्नामेंट को अपने करियर का एक शानदार पड़ाव बताते हुए दुनिया का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनने के अपने अटूट विश्वास को और मजबूत किया है। इसके साथ ही, उन्होंने फाइनल में मिली हार की निराशा को भी पूरी खेल भावना के साथ स्वीकार किया है।
अपनी सफलता पर बात करते हुए आयुष शेट्टी ने कहा, “मुझे लगता है कि यह मेरे लिए एक बेहतरीन टूर्नामेंट था। जिस तरह से मैंने पूरे सफर में अपना खेल दिखाया, उससे मैं वाकई बहुत खुश हूं। मेरे मैच काफी चुनौतीपूर्ण थे, लेकिन जिस तरह से मैंने उन सभी में जीत हासिल की, वह सुखद रहा। जहां तक फाइनल की बात है, तो थोड़ी निराशा जरूर हुई क्योंकि मैं जीत के साथ टूर्नामेंट का अंत करना चाहता था, लेकिन इसका श्रेय शी यू क्यूई को जाता है; उस दिन वह मुझसे बेहतर खिलाड़ी साबित हुए। मैं यह सिल्वर मेडल पाकर बेहद शुक्रगुजार हूं।”
विश्व रैंकिंग में 25वें पायदान पर काबिज 20 वर्षीय इस शटलर को निंगबो ओलंपिक सेंटर में आयोजित फाइनल में मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन शी यू क्यूई के हाथों 8-21, 10-21 से शिकस्त झेलनी पड़ी। लेकिन इस सिल्वर मेडल के साथ ही आयुष ने एक बड़ा कीर्तिमान अपने नाम कर लिया है। वह साल 2018 में एचएस प्रणॉय के बाद बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के पोडियम पर जगह बनाने वाले पहले भारतीय पुरुष सिंगल्स खिलाड़ी बन गए हैं।
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