दिल्ली का गढ़: वेस्टइंडीज के लिए साढ़े तीन दशक का सूखा, अहमदाबाद की हार को भूलकर आज जीत की तलाश में कैरेबियाई सूरमा!
सन 1987, दिल्ली का अरुण जेटली स्टेडियम, और वेस्टइंडीज का भारत के खिलाफ टेस्ट में आखिरी जीत का परचम! तब से लेकर आज तक, करीब साढ़े तीन दशक बीत चुके हैं, और दिल्ली का यह ऐतिहासिक मैदान वेस्टइंडीज के लिए जीत के सूखे का गवाह बना हुआ है। अहमदाबाद में मिली करारी हार, पारी और 140 रन से, के बाद वेस्टइंडीज के लिए यह दूसरा टेस्ट महज़ एक मुकाबला नहीं, बल्कि एक अग्निपरीक्षा है। जीत के बिना सीरीज का हाथ से निकल जाना तय है, और ड्रॉ भी भारत की झोली में ट्रॉफी डाल देगा। ऐसे में, कैरेबियाई धुरंधर आज अपनी पूरी जान लगाकर मैदान पर उतरेंगे, ताकि इस लंबे इंतजार को खत्म कर सकें।
हालांकि, पिछले मैच में मेहमानों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था, जिसने कई सवाल खड़े किए थे। इस निराशा को पीछे छोड़कर, वापसी की उम्मीदों के साथ आज वे मेजबान टीम को चुनौती देने उतरेंगे। पर, आंकड़े और पिछले खेल के आधार पर, भारतीय टीम का पलड़ा आज भी भारी नजर आ रहा है।
भारतीय टीम ने इस महत्वपूर्ण मुकाबले के लिए अपनी टीम में कोई भी फेरबदल नहीं किया है, जो उनकी पिछले मैच की जीत के आत्मविश्वास को दर्शाता है। वहीं, वेस्टइंडीज ने अपनी प्लेइंग इलेवन में दो अहम बदलाव किए हैं। ब्रैंडन किंग और जोहान लेने आज के मुकाबले में नहीं खेलेंगे, और उनकी जगह एंडरसन फिलिप और तेविन इमलाच को मौका दिया गया है। ये बदलाव वेस्टइंडीज की उम्मीदों को एक नई उड़ान देने के इरादे से किए गए हैं, ताकि वे भारत को कड़ी टक्कर दे सकें।
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