हिमाचल के लाल और भारतीय सेना के जांबाज सावन बरवाल का ऐतिहासिक करिश्मा!
हिमाचल प्रदेश के गौरव और भारतीय सेना के जांबाज हवलदार सावन बरवाल ने नीदरलैंड्स की धरती पर इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों से दर्ज करा दिया है। रोटरडैम मैराथन में अपनी अद्भुत रफ्तार का प्रदर्शन करते हुए सावन ने वो कर दिखाया, जिसका देश को पिछले कई दशकों से इंतजार था।
हड्डियां कंपा देने वाली बर्फीली हवाओं और कड़ाके की ठंड के बीच, 28 वर्षीय सावन अपने ‘डेब्यू मैराथन’ में जीत की दहलीज पर थे। फिनिश लाइन से महज 20 मीटर पहले वे शारीरिक थकान के कारण दो बार लड़खड़ाकर गिरे, लेकिन एक फौजी का फौलादी जज्बा उन्हें रुकने कहाँ देने वाला था। अदम्य साहस दिखाते हुए वे फिर खड़े हुए और महान धावक शिवनाथ सिंह द्वारा 1978 में बनाए गए 47 साल पुराने ऐतिहासिक राष्ट्रीय रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया।
2 घंटे 11 मिनट और 58 सेकंड का रिकॉर्ड समय निकालकर सावन बरवाल ने न केवल पुराना कीर्तिमान तोड़ा, बल्कि एशियन गेम्स के लिए भी अपना स्थान पक्का कर लिया। वर्ल्ड एथलेटिक्स गोल्ड लेबल रोड रेस ‘रोटरडैम मैराथन’ में भारतीय शौर्य का प्रदर्शन कर उन्होंने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।
भारत के बेहतरीन हाफ मैराथन धावकों में शुमार सावन की रफ्तार और भी तेज हो सकती थी, लेकिन नीदरलैंड्स की प्रतिकूल और ठंडी हवाएं उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गईं। ऐसी विषम परिस्थितियों में दौड़ने का पूर्व अनुभव न होने के कारण यह दौड़ शारीरिक रूप से बेहद थकाने वाली साबित हुई, लेकिन सावन के अटूट हौसलों ने हर बाधा को पार कर जीत का परचम लहरा दिया।
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