अमृतसर में ASI हरजीत सिंह की हत्या के दो दिन बाद पुलिस ने मामले में आरोपी एक व्यक्ति को मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक ठंडा रोड चेकपॉइंट पर रोकने के दौरान आरोपी ने चार राउंड फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने छह राउंड फायर किए। दूसरा संदिग्ध अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
ठंडा रोड पर पुलिस से हुई मुठभेड़
अमृतसर पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल के मुताबिक, 18 सितंबर को ASI हरजीत सिंह की हत्या के बाद शहर में कई चेकपॉइंट लगाए गए थे। पुलिस को संदिग्धों के बारे में जानकारी मिलने के बाद ठंडा रोड पर भी अलर्ट किया गया था।
पुलिस का कहना है कि संदिग्ध को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन उसने कथित तौर पर पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार आरोपी ने चार गोलियां चलाईं, जिसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस ने छह राउंड फायर किए। एक गोली आरोपी को लगी। उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दूसरा आरोपी अंधेरे में हुआ फरार
पुलिस के मुताबिक मुठभेड़ के दौरान आरोपी के साथ मौजूद दूसरा संदिग्ध अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया। उसकी तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं।
मुठभेड़ के दौरान मारे गए आरोपी की पहचान दीपक सिंह के रूप में की गई है। पुलिस ने कथित तौर पर उसके पास से .30 बोर की पिस्टल, दो मैगजीन, आठ जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और एक एक्टिवा स्कूटर बरामद किया है।
ASI हरजीत सिंह की हत्या में क्या हुआ था?
ASI हरजीत सिंह अमृतसर के गेट हकीमा थाना क्षेत्र में पुलिस कंट्रोल रूम से जुड़े थे। 18 सितंबर की रात/सुबह गश्त से लौटते समय भकतांवाला अनाज मंडी के पास मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी थी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस ने इसके बाद CCTV और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की थी।
पुलिस ने बताया पाकिस्तान कनेक्शन
अमृतसर पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने दावा किया है कि इस हत्या के पीछे विदेश से संचालित एक पाकिस्तान स्थित व्यक्ति की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, उस व्यक्ति ने आरोपियों को पैसे और नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल कराने का लालच दिया था।
पुलिस का दावा है कि कथित हैंडलर ने अपनी ‘वफादारी’ साबित करने के लिए एक पुलिसकर्मी को निशाना बनाने और हत्या का वीडियो बनाने का निर्देश दिया था। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच और लोकेशन डेटा के जरिए इस कथित नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की बात कह रही है। इन दावों की जांच अभी जारी है।
परिवार को मिलेगी 2 करोड़ रुपये की सहायता
ASI हरजीत सिंह की मौत के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उनके परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि घोषित की थी। इसके अलावा एक अतिरिक्त 1 करोड़ रुपये का बीमा भुगतान भी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
DGP गौरव यादव ने घटनास्थल का दौरा किया था और आरोपियों को कानून के कटघरे में लाने की बात कही थी। वहीं बीजेपी नेता तरुण चुघ ने घटना पर दुख जताते हुए पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं।
जांच में अब आगे क्या?
एक आरोपी की मुठभेड़ में मौत और दूसरे के फरार होने के बाद पुलिस का फोकस अब फरार संदिग्ध की गिरफ्तारी और कथित नेटवर्क की जांच पर है। पुलिस तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल डेटा और अन्य बरामदगी के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है। पाकिस्तान कनेक्शन को लेकर पुलिस के दावों की भी जांच आगे बढ़ रही है।
ASI हरजीत सिंह हत्याकांड में पुलिस ने एक आरोपी को मुठभेड़ में मारे जाने की जानकारी दी है, जबकि दूसरा संदिग्ध अभी फरार है। पुलिस ने मामले में पाकिस्तान स्थित कथित हैंडलर और नशीले पदार्थों के नेटवर्क से जुड़े होने का दावा किया है। इन दावों की पुष्टि जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई से होगी।
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