बांके बिहारी के ‘तोषाखाना’ से खाली हाथ, भक्तों की उम्मीदें हुईं मायूस!
वृंदावन के ठाकुर बांके बिहारी मंदिर का 54 साल से बंद पड़ा ‘तोषाखाना’ (खजाना कक्ष) शनिवार को आखिरकार खुल ही गया, लेकिन इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने वाले भक्तों और सेवायतों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई पावर कमेटी की कड़ी निगरानी में जब इस रहस्यमयी कक्ष का ताला खोला गया, तो अंदर खजाने की बजाय सिर्फ एक खाली लकड़ी का बक्सा मिला, जिसने सबको हैरान कर दिया।
कमेटी के सदस्य जब वीडियोग्राफी के साथ इस कक्ष के अंदरूनी हिस्सों का मुआयना कर रहे थे, तो उन्हें कीमती आभूषणों या सोने-चांदी के अंबार की बजाय मलबे का ढेर मिला। दशकों से बंद पड़े इस कक्ष में किसी अनमोल धरोहर की उम्मीद लगाए बैठे लोगों के लिए यह एक बड़ा झटका था। बचा खुचा कयास उस खाली लकड़ी के बक्से से समाप्त हो गया, जिसने उम्मीद के हर धागे को तोड़ दिया। अब हाई पावर कमेटी इस मामले में आगे की कार्रवाई करेगी, यह देखना अहम होगा कि इस खालीपन के पीछे क्या राज़ छिपा है।
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