बिहार में ‘इंडिया’ गठबंधन की चुनावी बिसात: सीपीआई (माले) लिबरेशन का मास्टरस्ट्रोक, 20 उम्मीदवारों की सूची जारी, 12 विधायकों पर फिर भरोसा
पटना: बिहार में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के एक प्रमुख घटक दल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन, ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी रणनीति का पहला चरण पूरा कर लिया है। शनिवार को पार्टी ने 20 उम्मीदवारों की सूची जारी की, जिसमें उन्होंने अपने सभी 12 मौजूदा विधायकों पर फिर से भरोसा जताया है। यह निर्णय पार्टी की पिछले प्रदर्शन की सफलता और जमीनी पकड़ को दर्शाता है।
नए चेहरों को अवसर, पुरानी जड़ों को मजबूती:
पार्टी ने उन सीटों पर नए चेहरों को मौका देने का साहसिक कदम उठाया है, जहां 2020 के विधानसभा चुनाव में उन्हें जीत नसीब नहीं हुई थी। यह दर्शाता है कि पार्टी केवल अपनी वर्तमान ताकत पर निर्भर नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए नई पीढ़ियों को भी तैयार कर रही है। पिछले चुनाव में 19 सीटों पर चुनाव लड़कर 12 पर जीत दर्ज करना सीपीआई (माले) लिबरेशन के लिए एक बड़ी सफलता थी, और इस बार भी वे उसी लय को बनाए रखने की उम्मीद कर रहे हैं।
दीपंकर भट्टाचार्य का दावा: ‘महागठबंधन भारी बहुमत से जीतेगा’
सीपीआई (माले) लिबरेशन के महासचिव, दीपंकर भट्टाचार्य, ने उम्मीदवारों की सूची जारी करते हुए ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में गठबंधन की भावना को बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि वे अधिक सीटों के हकदार थे, लेकिन अंततः 20 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया। भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि उनकी इच्छा इस बार कम से कम 24 सीटों पर चुनाव लड़ने की थी, जो संभव नहीं हो सका।
इन सबके बीच, भट्टाचार्य का आत्मविश्वास चरम पर है। उन्होंने दावा किया कि ‘महागठबंधन’ इस बार बिहार में भारी बहुमत से जीत दर्ज करेगा। उनके अनुसार, “बिहार की जनता राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार से ऊब चुकी है।” यह बयान चुनावी रणभूमि में एक नई ऊर्जा का संचार करता है।
जीते हुए विधायकों पर पार्टी का अटूट विश्वास:
पार्टी ने अपने अनुभवी और जीते हुए विधायकों पर फिर से दांव लगाया है। अमरजीत कुशवाहा, सत्यदेव राम, गोपाल रविदास, संदीप सौरभ, शिव प्रकाश रंजन, अजीत कुमार सिंह, बिरेंद्र प्रसाद और महबूब आलम जैसे प्रमुख विधायकों को पुनः टिकट दिया गया है। इनके अलावा, दिव्या गौतम, अनिल कुमार और फूलबाबू सिंह जैसे नामों को भी सूची में शामिल किया गया है। यह स्पष्ट करता है कि पार्टी अपने विजयी रथ को रोकना नहीं चाहती।
पहले चरण के उम्मीदवारों ने कसी कमर:
भट्टाचार्य ने यह भी बताया कि पहले चरण में जिन सीटों पर मतदान होना है, वहां सभी उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। भोरे से धनंजय, जीरादेई से अमरजीत कुशवाहा, दरौली से सत्यदेव राम और दरौंदा से अमरनाथ यादव प्रमुख उम्मीदवार हैं। इसके अतिरिक्त, कल्याणपुर से रंजीत कुमार राम, वारिसनगर से फूलबाबू सिंह और राजगीर से विश्वनाथ चौधरी को भी मैदान में उतारा गया है।
दिघा से दिव्या गौतम पर दांव:
खास तौर पर, दिघा से दिव्या गौतम को टिकट दिया जाना पार्टी की नई पीढ़ी को नेतृत्व सौंपने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। फुलवारी से गोपाल रविदास, पालीगंज से संदीप सौरभ, आरा से क़यामुद्दीन अंसारी, अगीआंन से शिव प्रकाश रंजन, तरारी से मदन सिंह और डुमरांव से अजीत कुमार सिंह भी चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमाएंगे।
राज्य की 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव दो चरणों में क्रमशः छह और 11 नवंबर को होंगे, जबकि मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। सीपीआई (माले) लिबरेशन की यह सूची बिहार के चुनावी परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है।
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