बच्चों की खांसी पर विशेषज्ञ की सलाह: दवाइयों से नहीं, समझदारी से इलाज!
डीजीएचएस की डॉ. सुनीता शर्मा ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण परामर्श जारी किया है, जो खासकर बच्चों में होने वाली खांसी के इलाज के संबंध में है। इस परामर्श का मुख्य उद्देश्य लोगों को डॉक्टरों के पर्चे के महत्व और उसके सही उपयोग के प्रति जागरूक करना है।
कफ सिरप का विवेकपूर्ण इस्तेमाल, बच्चों के लिए क्यों जरूरी?
डॉ. शर्मा ने बच्चों के लिए कफ सिरप के नुस्खे के मामले में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि कई बार बच्चों में गंभीर लगने वाली खांसी की बीमारियां अपने आप ठीक हो जाती हैं और इसके लिए किसी दवा की आवश्यकता नहीं होती। ऐसे में, अनावश्यक दवाइयों का प्रयोग बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
सभी स्वास्थ्य केंद्रों के लिए अहम निर्देश
इस परामर्श में सभी स्वास्थ्य सेवा केंद्रों और नैदानिक इकाइयों को निर्देशित किया गया है कि वे गुणवत्तापूर्ण और सही उत्पादों की खरीद और वितरण सुनिश्चित करें। डॉ. शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि देखभाल के उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के डॉक्टरों और दवा विक्रेताओं का संवेदनशील होना अत्यंत आवश्यक है।
परामर्श का व्यापक प्रसार, जन-जन तक पहुंच
सभी राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य विभागों, जिला स्वास्थ्य प्राधिकरणों और नैदानिक प्रतिष्ठानों/स्वास्थ्य सेवा केंद्रों से अनुरोध किया गया है कि वे इस परामर्श को सरकारी औषधालयों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों और सभी चिकित्सा संस्थानों में प्रभावी ढंग से लागू करें और व्यापक रूप से प्रसारित करें। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि सही जानकारी सभी तक पहुंचे और बच्चों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।
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