जनता का सवाल: मुख्यमंत्री कब बोलेंगे अपने घोषणापत्र पर? राजग के वादों पर गहलोत का तीखा प्रहार!
बिहार की राजनीति गरमाई हुई है, और इस बार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजग के घोषणापत्र पर कड़ा प्रहार किया है। गहलोत ने सीधे तौर पर सवाल उठाया है कि आखिर क्यों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद अपने घोषणापत्र पर एक शब्द भी नहीं बोला। उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “क्या वे अब इस स्थिति में नहीं हैं कि अपने ही घोषणापत्र पर कुछ कह सकें?”
गहलोत ने राजग के घोषणापत्र को “झूठ की एक लंबी श्रृंखला” करार दिया। उन्होंने साफ कहा कि महागठबंधन इस मुद्दे को अपनी जनसभाओं में जोर-शोर से उठाएगा। इसके साथ ही, एक जन-अभियान चलाया जाएगा, जिसमें जनता से राजग सरकार के पिछले 20 वर्षों का “रिपोर्ट कार्ड” मांगा जाएगा। यह जनता को हकीकत बताने का एक बड़ा कदम होगा।
गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री ने बिहार की एक तरह से “बोली लगाई” थी, यानी लुभावने वादों की झड़ी लगा दी थी। लेकिन, अब तक उन वादों का कोई हिसाब नहीं दिया गया है।
अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए गहलोत ने कहा, “प्रधानमंत्री ने पिछले चुनाव में कहा था, बताइए, 50 हजार करोड़ चाहिए या 60 हजार करोड़ या सवा लाख करोड़… लेकिन आज तक उस पैसे की एक पाई का भी हिसाब नहीं दिया गया।” यह सीधे तौर पर जनता के साथ हुए धोखे की ओर इशारा करता है। गहलोत के इस बयान ने बिहार की चुनावी सरगर्मी को और बढ़ा दिया है।
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