महागठबंधन का संकल्प: अतिपिछड़ों को मिलेगी नई उड़ान, आरक्षण और सुरक्षा का वादा
पटना: बिहार में चुनावी सरगर्मी तेज़ हो गई है। बुधवार को पटना में महागठबंधन ने अपना चुनाव घोषणा-पत्र जारी कर दिया, जिसमें अतिपिछड़ा वर्ग के उत्थान को लेकर 10 अहम वादे किए गए हैं। इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, आरजेडी नेता तेजस्वी प्रसाद यादव, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी और सीपीआई माले के सांसद सुदामा प्रसाद भी मौजूद रहे।
घोषणा-पत्र के अनुसार, महागठबंधन की सरकार बनने पर अतिपिछड़ा वर्ग को पंचायत और स्थानीय निकायों में 30 फीसदी आरक्षण मिलेगा। यह एक ऐतिहासिक कदम होगा, जो इन वर्गों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में मजबूती प्रदान करेगा। इसके अलावा, अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) की तर्ज पर अतिपिछड़ा वर्ग के लिए भी ‘अतिपिछड़ा अत्याचार निवारण कानून’ लागू किया जाएगा, जिससे उनकी सुरक्षा और अधिकारों को सुनिश्चित किया जा सके।
आरक्षण के दायरे को बढ़ाते हुए, महागठबंधन ने वर्तमान 50 फीसदी की सीमा को बढ़ाने का भी वादा किया है। साथ ही, 25 करोड़ रुपये तक के सरकारी ठेकों और आपूर्ति कार्यों में अतिपिछड़ा, पिछड़ा, अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए 50 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया गया है। यह कदम इन वर्गों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें विकास की मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
कुल मिलाकर, महागठबंधन का घोषणा-पत्र अतिपिछड़ा वर्ग के लिए एक आशा की किरण बनकर उभरा है, जिसमें आरक्षण, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि ये वादे जनता का कितना विश्वास जीत पाते हैं।
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