रूस-पाकिस्तान सैन्य सहयोग पर कांग्रेस का मोदी सरकार पर तीखा वार: ‘कूटनीति की विफलता’
नई दिल्ली: भारत की प्रमुख विपक्षी पार्टी, कांग्रेस ने रूस द्वारा पाकिस्तानी लड़ाकू विमान जेएफ-17 के लिए इंजन आपूर्ति की खबरों को लेकर मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शनिवार को इस मुद्दे को उठाते हुए इसे “मोदी सरकार की कूटनीति की विफलता” करार दिया और केंद्र सरकार से देश को इस महत्वपूर्ण सामरिक प्रश्न का जवाब देने की मांग की है।
कांग्रेस ने उन खबरों का हवाला दिया है जिनमें बताया गया है कि रूस, जो ऐतिहासिक रूप से भारत का एक प्रमुख और भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार रहा है, पाकिस्तान के चीनी निर्मित जेएफ-17 लड़ाकू विमानों के लिए उन्नत आरडी-93एमए इंजन की आपूर्ति कर रहा है।
‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में, जयराम रमेश ने इस मामले पर मोदी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा, “मोदी सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि रूस, जो कभी भारत का सबसे भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार रहा है, उसने भारत की तमाम अपील को नजरअंदाज करते हुए पाकिस्तान के चीनी निर्मित जेएफ-17 लड़ाकू विमानों के लिए उन्नत आरडी-93एमए इंजन की आपूर्ति क्यों शुरू कर दी।”
कांग्रेस का यह बयान भारत और रूस के बीच दशकों पुराने रक्षा संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। कांग्रेस का मानना है कि रूस का यह कदम भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है और सरकार को इस पर तत्काल स्पष्टीकरण देना चाहिए। पार्टी ने सरकार से यह भी पूछा है कि क्या उसने रूस को इस आपूर्ति को रोकने के लिए मनाने के सभी प्रयास किए हैं, और यदि हां, तो उसके परिणाम क्या रहे हैं। यह घटनाक्रम भारत की विदेश नीति और विशेष रूप से रूस के साथ उसके सामरिक संबंधों को लेकर नई बहस छेड़ सकता है।
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