चंडीगढ़ में ETT शिक्षकों का प्रदर्शन, हरपाल चीमा के आवास के बाहर हिरासत

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PEEYUSH UPADHYAY
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव...
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चंडीगढ़ में नौकरी और कथित भर्ती अनियमितताओं को लेकर ETT शिक्षकों का गुस्सा सड़क पर उतर आया। परिवार और बच्चों के साथ वित्त मंत्री हरपाल चीमा के आवास के बाहर पहुंचे शिक्षकों ने सरकार से जवाब और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कई शिक्षकों को हिरासत में लिया।

हरपाल चीमा के घर के बाहर जुटे शिक्षक

चंडीगढ़ में पंजाब के ETT टीचर्स यूनियन से जुड़े करीब 180 शिक्षक अपने परिवारों और बच्चों के साथ वित्त मंत्री हरपाल चीमा के आवास के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे। शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से नौकरी और अपने अधिकारों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार से उनकी मांगों पर तत्काल फैसला लेने की अपील की। कुछ समय बाद पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों को हिरासत में ले लिया।

वर्षों से नौकरी की मांग

ETT शिक्षकों का कहना है कि उनका संघर्ष कोई नया नहीं है। वे कई वर्षों से भर्ती, नौकरी और वेतन से जुड़ी मांगों को लेकर अलग-अलग स्तरों पर प्रदर्शन करते रहे हैं। इससे पहले मोहाली में भी शिक्षक बड़े स्तर पर विरोध दर्ज करा चुके हैं।

शिक्षकों का आरोप है कि लगातार बैठकों और आश्वासनों के बावजूद उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकला।

भर्ती में धांधली का आरोप

प्रदर्शनकारी शिक्षिका सुमनप्रीत कौर ने शिक्षा विभाग के कुछ क्लर्कों और कर्मचारियों पर कथित तौर पर चहेते लोगों को एडजस्ट करने के लिए अनियमितता करने का आरोप लगाया।

उनकी मांग है कि संबंधित कर्मचारियों को निलंबित किया जाए और जिन शिक्षकों के साथ कथित अन्याय हुआ है, उन्हें उनका अधिकार मिले। सुमनप्रीत के मुताबिक, उन्हें बताया गया कि शिक्षा और वित्त मंत्री के पास कर्मचारियों को निलंबित करने की शक्ति नहीं है और मुख्यमंत्री से बैठक कराने का आश्वासन दिया गया है।

‘10 साल से न्याय का इंतजार’

सुमनप्रीत कौर का आरोप है कि मुख्यमंत्री के साथ बैठक के नाम पर उन्हें लंबे समय से इंतजार कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षक करीब 10 वर्षों से अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

उनका कहना है कि बार-बार आश्वासन मिलने से अब शिक्षकों का धैर्य जवाब दे रहा है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से स्पष्ट जवाब देने की मांग की है।

‘मसला हल होने तक संघर्ष जारी’

ETT शिक्षक गुरमुख सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार पिछले दो वर्षों से बैठकें करने की बात कह रही है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनके मुताबिक, शिक्षक अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि समाधान चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षक इसी वजह से वित्त मंत्री के आवास के पास पहुंचे हैं, ताकि सरकार उनकी बात सुने और उन्हें स्पष्ट जवाब मिले।

सरकार के सामने बढ़ी चुनौती

पंजाब में ETT और कंप्यूटर शिक्षकों के लगातार प्रदर्शनों ने सरकार के सामने रोजगार और शिक्षा विभाग से जुड़े सवाल खड़े किए हैं। शिक्षकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार और प्रदर्शनकारी शिक्षकों के बीच बातचीत कब प्रभावी नतीजे तक पहुंचती है। क्योंकि वर्षों से इंतजार कर रहे इन शिक्षकों के लिए अब आश्वासन नहीं, फैसले की जरूरत है।


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पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव पत्रकारिता में 7+ वर्षों का है और वे निष्पक्ष, भरोसेमंद और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कई पुरस्कार और मान्यता प्राप्त की है, जिनमें 2022 में “Best Investigative Journalist” और 2021 में “Top 10 Editors in Uttarakhand” शामिल हैं।
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