हॉर्मुज में टोल वसूली पर अड़ा ईरान, अमेरिका की दो टूक- ‘मंजूर नहीं’!

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US-ईरान वार्ता के केंद्र में रहा हॉर्मुज, टोल लगाने की बात पर अमेरिका सहमत नहीं

हॉर्मुज पर तकरार: क्या ईरान का ‘टोल’ दांव अमेरिका को झुका पाएगा? दोहा में महाशक्तियों के बीच रस्साकशी

कतर की राजधानी दोहा में कूटनीति की बिसात बिछी है, जहां अमेरिका और ईरान के बीच चल रही अप्रत्यक्ष वार्ता में परमाणु समझौते से भी बड़ा मुद्दा ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ बनकर उभरा है. अमेरिका ने ईरान को स्पष्ट चेतावनी और प्रस्ताव देते हुए कहा है कि यदि वह इस सामरिक समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर ‘टोल टैक्स’ वसूलने की अपनी जिद छोड़ देता है, तो प्रतिबंधों के हटने के बाद उसे जो आर्थिक लाभ मिलेगा, वह किसी भी टैक्स से कहीं अधिक बड़ा होगा.

विश्व की ‘लाइफलाइन’ पर गहराया संकट

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापारिक मार्गों में शुमार हॉर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर वैश्विक तनाव का केंद्र बन गया है. हाल के दिनों में नए शिपिंग रूट्स और व्यापारिक जहाजों पर बढ़ते हमलों ने आग में घी डालने का काम किया है. ईरान लगातार इस क्षेत्र में अपना प्रभुत्व बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, जिससे वैश्विक व्यापार की इस ‘लाइफलाइन’ पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं.

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ईरान की नई चाल: ओमान के साथ ‘साझा राज’ का दावा

ईरान अब हॉर्मुज के प्रबंधन में ओमान को अपना साझेदार बता रहा है. ईरान का दावा है कि वह ओमान के साथ मिलकर इस मार्ग का संयुक्त संचालन करना चाहता है. उसका इरादा स्पष्ट है कि 60 दिनों की समझौता अवधि बीतते ही वह यहां से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लागू कर सकता है. हालांकि, अमेरिका ने दो टूक कहा है कि खाड़ी देशों की सामूहिक सहमति के बिना ऐसा कोई भी एकतरफा फैसला अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ होगा.

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18 अगस्त की डेडलाइन: दुनिया की नजरें दोहा पर

दोनों देशों के बीच 17 जून 2026 को हस्ताक्षरित 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) अब अपने निर्णायक मोड़ पर है. कोशिश यह है कि 18 अगस्त तक किसी अंतिम सहमति पर पहुंचा जा सके. हालांकि, कई जटिल बिंदुओं पर मतभेद की दीवारें अब भी ऊंची हैं. कतर के विदेश मंत्रालय के संकेतों के अनुसार, ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद वार्ता का अगला चरण शुरू होगा. अब देखना यह है कि क्या यह कूटनीतिक दौड़ परमाणु शांति और हॉर्मुज विवाद का कोई ठोस हल निकाल पाती है या नहीं.

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