
UP Crime News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने रूह कंपा दी है। पाकबड़ा थाना क्षेत्र में हुए मां-बेटे के दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस खौफनाक साजिश के पीछे कोई और नहीं, बल्कि महिला का अपना पति जसराम और सगा देवर जयराम निकले। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। जांच में पता चला कि दोनों भाइयों ने मिलकर पहले सीमा की हत्या की और फिर राज खुलने के डर से 10 वर्षीय मासूम अंकुश को भी बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने अपराध की जो कहानी सुनाई, वह बेहद चौंकाने वाली है।
खूनी संघर्ष की वजह: शक, पैसा और ज़मीन का विवाद
पुलिस की तहकीकात में सामने आया कि सीमा करीब दो साल से शेरुआ चौराहे पर किराये के मकान में रह रही थी। उसके साथ पति जसराम और बेटा अंकुश भी रहते थे। दरअसल, जसराम ने अपना पुश्तैनी मकान अपने छोटे भाई जयराम को बेचा था, जिसके 2.40 लाख रुपये अभी बकाया थे। बकाया रकम को लेकर सीमा का अक्सर जयराम से विवाद होता था। वहीं, जसराम अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था, जिससे घर में हर दिन कलह होती थी। वारदात से एक रात पहले भी दोनों के बीच जमकर झगड़ा हुआ, जिसकी शिकायत सीमा ने पुलिस चौकी में की थी। हालांकि, बाद में समझौते के बाद वह पति के साथ घर लौट आई, लेकिन उसे नहीं पता था कि यह उसकी आखिरी रात होगी।
लालच और नफरत: ऐसे बुना गया मौत का जाल
घर लौटने के बाद दोनों भाइयों ने मिलकर सीमा को रास्ते से हटाने की साजिश रची। जसराम ने जयराम से वादा किया कि अगर वह सीमा को मार देता है, तो उसे मकान के बकाया पैसे नहीं देने पड़ेंगे। जयराम भी इस लालच में आ गया। मंगलवार की शाम जयराम ने पैसों का झांसा देकर सीमा और अंकुश को अपनी बाइक पर बैठाया। रास्ते में उसने चालाकी से अंकुश को एक पेट्रोल पंप पर उतारा और सीमा को लेकर खेत में चला गया, जहां जसराम पहले से इंतज़ार कर रहा था। वहां जसराम ने सीमा के पैर पकड़े और जयराम ने धारदार हथियार से उसका गला रेत दिया। इसके बाद जयराम दोबारा पेट्रोल पंप गया, बोतल में पेट्रोल लिया और मासूम अंकुश को भी उसी खूनी मंजर की ओर ले आया।
मासूम भतीजे को भी नहीं बख्शा, पहचान मिटाने की क्रूर कोशिश
पूछताछ में जयराम ने कबूला कि वह अपने भतीजे को नहीं मारना चाहता था, लेकिन जब अंकुश ने खेत में अपनी मां की लाश देखी, तो वह जोर-जोर से रोने और चिल्लाने लगा। पकड़े जाने के डर से हैवान बने चाचा ने अपने ही भतीजे का गला घोंट दिया। हत्या के बाद दोनों ने पहचान छिपाने के लिए मां-बेटे के चेहरे पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। सीमा का शव बुधवार को गन्ने के खेत में मिला, जबकि अंकुश की लाश अगले दिन 500 मीटर दूर दूसरे खेत से बरामद हुई। हालांकि, अंकुश का चेहरा पूरी तरह नहीं जल पाया था, जिससे उसकी पहचान हो गई और पुलिस कातिलों के गिरेबान तक पहुंच गई।
15 साल का रिश्ता और ज़मीन की जंग
बता दें कि जसराम की शादी 15 साल पहले गोरखपुर की सीमा से हुई थी। जसराम पहले ट्रक चलाता था, लेकिन बीमारी की वजह से कुछ समय से घर पर ही था। विवाद की एक बड़ी वजह ज़मीन भी थी। जसराम के हिस्से की दो बीघा ज़मीन में से एक बीघा सीमा पहले ही बेच चुकी थी और वह बाकी बची ज़मीन भी बेचना चाहती थी, जिसका जसराम विरोध कर रहा था। इसी तनाव और शक ने अंततः इस खौफनाक हत्याकांड का रूप ले लिया। फिलहाल, पुलिस ने देवर जयराम और पति जसराम दोनों को जेल भेज दिया है और मामले की कानूनी कार्रवाई जारी है।
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