नेपाल में जलप्रलय: 469 जिंदगियां लील गई बाढ़, 1000 लोग अब भी लापता; तबाही के मंजर से थर्राया देश!

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
3 Min Read
Nepal Flood Updates : अबतक 469 लोगों को लील चुकी है नेपाल की बाढ़, 1000 लोगों का अभी तक कोई पता नहीं

कुदरत का कहर: तिब्बत में हिमस्खलन के बाद नेपाल में जलप्रलय, अब तक 469 की मौत और 1000 लापता

तिब्बत की ऊंची चोटियों पर आए एक भीषण हिमस्खलन ने प्रकृति का ऐसा तांडव दिखाया कि भोटेकोशी की सहायक नदी ‘ल्हेंदे’ का प्रवाह अचानक थम गया। लेकिन यह ठहराव एक बड़ी तबाही की आहट थी। तिब्बत-नेपाल सीमावर्ती इलाकों में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें कई महत्वपूर्ण पुल ताश के पत्तों की तरह बह गए और करीब एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं पूरी तरह ठप हो गईं।

मौत का तांडव: आठ जिलों से बरामद हुए शव

नेपाल पुलिस द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस विनाशकारी आपदा में मृतकों की संख्या बढ़कर 469 हो गई है। नेपाल के आठ अलग-अलग जिलों से शव बरामद किए गए हैं, जबकि तिब्बत में भी तीन लोगों की जान जाने की खबर है। जिलों के आधार पर मौतों का मंजर कुछ इस प्रकार है:

  • चितवन: 178 मौतें
  • नवलपरासी पूर्व: 110 मौतें
  • गोरखा: 44 मौतें
  • नुवाकोट: 37 मौतें
  • धादिंग: 33 मौतें
  • तनाहू: 28 मौतें
  • नवलपरासी पश्चिम: 27 मौतें
  • रसुवा: 12 मौतें

रेस्क्यू ऑपरेशन: मलबे में अपनों की तलाश और सेना की मुस्तैदी

रसुवा और आसपास के जिलों में बुधवार को आई अचानक बाढ़ के बाद से कम से कम 1,000 लोग अब भी लापता हैं। इनमें 517 विदेशी पर्यटक, 86 सुरक्षाकर्मी और 127 नेपाली यात्री शामिल हैं। राहत की बात यह है कि अब तक 1,545 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। फिलहाल 84 घायलों का इलाज काठमांडू के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है, जहां अपनों की आस में परिजनों की आंखें पथराई हुई हैं। इस महा-अभियान में 7,451 सुरक्षाकर्मी दिन-रात जुटे हैं, जिनमें नेपाली सेना के 2,391 जांबाज जवान शामिल हैं।

ठप हुई पढ़ाई: सभी परीक्षाएं स्थगित, सदमे में छात्र

‘द काठमांडू पोस्ट’ के अनुसार, दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए सेना के हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। इस बीच, नेपाल सरकार ने त्रासदी की गंभीरता को देखते हुए 29 अगस्त से होने वाली सभी परीक्षाओं को स्थगित करने का बड़ा फैसला लिया है।

शिक्षा मंत्री और सरकारी प्रवक्ता सश्मित पोखरेल ने निर्देश दिया है कि स्थगित परीक्षाओं को हालात सामान्य होने पर दोबारा आयोजित किया जाए। साथ ही, शिक्षण संस्थानों को आदेश दिया गया है कि वे इस सदमे से गुजर रहे छात्रों और शिक्षकों के लिए ‘साइकोलॉजिकल काउंसलिंग’ (मानसिक परामर्श) की व्यवस्था करें। सरकार ने स्कूलों से छात्रों और अभिभावकों के निरंतर संपर्क में रहने और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने की अपील की है।


ये भी पढ़ें: Nepal Flood: विनाशकारी बाढ़ के बाद चीन ने जारी किया लेवल-4 अलर्ट, बैरियर झील टूटने का खतरा; निचले इलाकों में मच सकती है तबाही


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है। Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Exit mobile version