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कांग्रेस से निष्कासित विधायक राहुल मामकूटथिल को केरल पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक तीसरी रेप शिकायत के आधार पर गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी पलक्कड़ के होटल से देर रात हुई, और बाद में उन्हें पतनमथिट्टा स्थित पुलिस कैंप में स्थानांतरित किया गया है।
यह गिरफ्तारी उस समय हुई है जब विधायक पहले से ही दो अन्य बलात्कार/यौन उत्पीड़न मामलों का सामना कर रहे थे, जिनमें से एक में आरोप है कि उन्होंने पीड़िता को विवाह का झांसा देकर उसके साथ बलात्कार किया और उसके बाद गर्भपात करने पर दबाव डाला।
📌 पूरी कहानी: क्या हुआ और कैसे?
🔹 1. पहला मामला और FIR
पटनमथिट्टा की एक महिला ने शिकायत की थी कि राहुल मामकूटथिल ने पहले उनके साथ यौन संबंध बनाए, फिर उसे विवाह का झांसा देकर गर्भपात के लिए मजबूर किया। FIR में आरोप लगाया गया कि उन्होंने महिला के खिलाफ डिजिटल रूप से प्राइवेट सामग्री का भी गलत इस्तेमाल किया।
इसमें आरोप है कि आरोपी ने
- सेक्शन 64 (2)(f) — विश्वासपात्र व्यक्ति द्वारा बलात्कार
- 89 — बिना सहमति गर्भपात कराना
- 351(3) — आपराधिक धमकी
- 66(E) — गोपनीयता का उल्लंघन
जैसी धाराओं के तहत अपराध किए हैं।
🔹 2. दूसरी शिकायत और बांड/बेल
पहली शिकायत पर मामकूटथिल ने anticipatory bail (पूर्व गिरफ्तारी रिहाई) के लिए Kerala High Court में आवेदन किया था, जिसे अदालत ने मामले की गंभीरता देखते हुए अलग तारीख तक के लिए बढ़ा दिया।
एक दूसरी महिला ने भी अलग घटना के लिए शिकायत दर्ज कराई थी, जिसकी वजह से एक दूसरे केस में भी उन्हें सुरक्षा मिल गई थी।
🔹 3. तीसरी मामला और गिरफ्तारी
अब तीसरी शिकायत के आधार पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
इस नयी शिकायत में आरोप है कि आरोपी ने एक महिला से पति बनने का वादा करके उसके साथ संबंध बनाए और बाद में जब वह गर्भवती हुई तो उसे गर्भपात के लिए प्रेरित किया और बाद में यौन उत्पीड़न किया।
यह मामला उभरते हुए तीन स्वतंत्र आरोपों में सबसे ताज़ा और गंभीर है और इसी के बाद उन्हें पुलिस हिरासत में लिया गया।
⚖️ राजनीतिक और कानूनी असर
• कांग्रेस से निष्कासन
कांग्रेस पार्टी ने उन्हें पार्टी की सदस्यता से निष्कासित कर दिया है, यह निर्णय अल्प अवधि में ही लिया गया, जिससे पार्टी ने आरोपों की गंभीरता को स्वीकार किया।
• मीडिया और सामाजिक दबाव
सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया है। कुछ समर्थक आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बता रहे हैं, वहीं बड़ी संख्या में लोग पीड़िता के न्याय की मांग कर रहे हैं।
• अदालत की प्रक्रिया
Kerala High Court और Sessions Court दोनों ने पूर्व में बेरिहाई आदेशों को लेकर विभिन्न सुनवाई की तारीखें दी थीं, लेकिन फर्स्ट केस में गिरफ्तारी को रोक दिया गया था।
अब तीसरी शिकायत के आधार पर गिरफ्तारी होने के बाद वे आज स्थानीय अदालत के समक्ष पेश किए जा सकते हैं।
📊 मामले का असर और विश्लेषण
🔹 यह मामला सिर्फ एक आपराधिक जांच नहीं रहा, बल्कि
- पार्टी राजनीति
- कानूनी प्रक्रियाएं
- सोशल मीडिया प्रतिक्रिया
- पीड़िता सुरक्षा
जैसे व्यापक मुद्दों को भी उजागर करता है।
🔹 इससे केरल की राजनीति में भी हलचल पैदा हुई है, क़ानून के प्रति जनता की भरोसा और महिला सुरक्षा पर बहस को गति मिली है।
🔹 पीड़िता ने सोशल मीडिया पर भावनात्मक संदेश भी साझा किया है, जिसमें उसने धैर्य और हिम्मत के लिए धन्यवाद कहा है।
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