बच्चों के पेट के कीड़ों से मुक्ति: एल्बेंडाजोल का सुरक्षित और प्रभावी उपाय

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बच्चों के पेट के कीड़ों से मुक्ति: एल्बेंडाजोल का सुरक्षित और प्रभावी उपाय
बच्चों को खिलायी गयी एल्बेंडाजोल की दवा

पेट के कीड़ों से मुक्ति: चौसा के स्कूलों में बच्चों को दी गई एल्बेंडाजोल दवा, स्वस्थ भविष्य की ओर एक कदम

चौसा: बच्चों के स्वस्थ और कुपोषण मुक्त भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, कन्या मध्य विद्यालय चौसा सहित विभिन्न विद्यालयों में एक से 19 वर्ष की आयु की बालिकाओं को एल्बेंडाजोल की दवा वितरित की गई। यह अभियान, जिसका उद्देश्य पेट के कीड़ों के संक्रमण से बच्चों को बचाना है, बच्चों के स्वास्थ्य और विकास में सुधार लाने के लिए एक व्यापक सरकारी पहल का हिस्सा है।

कार्यक्रम का शुभारंभ कन्या मध्य विद्यालय चौसा के प्रधानाध्यापक श्री विजय पासवान ने किया, जिन्होंने स्वयं बच्चों को यह महत्वपूर्ण दवा खिलाई। बाल संसद के शिक्षक संयोजक श्री संजय कुमार सुमन ने इस दौरान इस दवा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पेट के कीड़े बच्चों में कुपोषण और खून की कमी का एक प्रमुख कारण बनते हैं, जिससे उनका शारीरिक विकास बाधित होता है और वे कमजोर पड़ जाते हैं। एल्बेंडाजोल की यह दवा न केवल पेट के कीड़ों को समाप्त करती है, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में भी सुधार लाती है, उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है और एनीमिया (खून की कमी) को नियंत्रित करने में सहायक होती है। इसके सकारात्मक प्रभाव बच्चों की सीखने की क्षमता पर भी देखे जाते हैं। श्री सुमन ने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को इस समस्या से बचाने के लिए इस दवा का नियमित सेवन अवश्य करवाएं।

शिक्षिका श्रीमती कल्पना कुमारी ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह एक सराहनीय कदम है। उन्होंने स्वीकार किया कि कई अभिभावक अपने बच्चों को समय पर कृमिनाशक दवा नहीं दे पाते हैं। ऐसे में, सरकार द्वारा स्कूलों, आंगनवाड़ियों और अन्य माध्यमों से नि:शुल्क दवा उपलब्ध कराई जाना, भारत के नन्हे-मुन्नों को स्वस्थ रखने की दिशा में एक प्रभावी रणनीति है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस दवा का सेवन न करने की स्थिति में बच्चों में पेट के कीड़े पनप जाते हैं, जिससे वे कुपोषण और खून की कमी का शिकार होते हैं, और उनका शारीरिक व मानसिक विकास अवरुद्ध हो जाता है।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर शिक्षक श्री बीरबल पासवान, कुमारी रानी, श्री बलिस्टर कुमार यादव, श्रीमती सुशीला कुमारी, श्रीमती रेखा कुमारी सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिन्होंने इस अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।

छूटे हुए बच्चों के लिए मॉप-अप राउंड का आयोजन 19 अगस्त को किया जाएगा, ताकि कोई भी बच्चा इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा से वंचित न रह सके।


अवेयर मीडिया नेटवर्क


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