ब्लूचिस्तान की आग: मुनीर की सेना तबाह, 13 सैनिक ख़ाक

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लो...अब बलूचों ने मुनीर की सेना को पीटा, एक धमाके में उड़ाए 13 सैनिक

बलूचिस्तान में बढ़ी गहमागहमी: बीएलए के हमलों में 13 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत, बीएलएफ ने भी ली जिम्मेदारी

बलूचिस्तान में शनिवार को एक बार फिर खूनी संघर्ष की गूंज सुनाई दी, जब बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने तीन अलग-अलग हमलों में पाकिस्तानी सेना के 13 सैनिकों को मार गिराया। बलूचिस्तान पोस्ट (टीबीपी) की रिपोर्ट के अनुसार, बीएलए के प्रवक्ता जियांद बलूच ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इन हमलों को शुक्रवार को क्वेटा, कच्छी और केच जिलों में अंजाम दिया गया।

क्वेटा में आईईडी से सेना को निशाना बनाया गया:
बीएलए के अनुसार, पहला हमला क्वेटा के बाहरी इलाके दघारी क्षेत्र में हुआ। यहां रिमोट-कंट्रोल्ड इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) का इस्तेमाल रेलवे ट्रैक साफ करने के बाद इकट्ठा हुए सैन्यकर्मियों को निशाना बनाने के लिए किया गया। प्रवक्ता ने बताया कि इस धमाके में चार सैनिक मौके पर ही मारे गए और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। शेरदिल स्टॉप के पास, दघारी क्रॉस के निकट हुए इस विस्फोट ने रेलवे ट्रैक की सफाई में लगी एक टीम को अपनी चपेट में लिया था। शुरुआती खबरों के अनुसार, इस हमले में कई जवान हताहत हुए थे।

कच्छी और केच जिलों में भी भीषण हमले:
पहला हमला शांत होने के कुछ ही घंटों बाद, उसी शाम कच्छी जिले के धादर के कलामुद्दीन क्षेत्र में एक और हमला हुआ। बीएलए के बयान में दावा किया गया है कि उनके लड़ाकों ने स्वचालित हथियारों और रॉकेटों का इस्तेमाल कर उन सैनिकों पर हमला किया जो अपनी चौकियों से बाहर निकल रहे थे। इस हमले में दुश्मन सेना को भारी नुकसान होने का दावा किया गया।

शुक्रवार देर रात, तीसरा और सबसे विनाशकारी हमला केच जिले के कुलाग इलाके में स्थित सामी में हुआ। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के लड़ाकों ने यहां पाकिस्तानी सेना की एक चौकी को निशाना बनाया। समूह ने कई रॉकेट और स्वचालित हथियारों के इस्तेमाल की सूचना दी, जिसके परिणामस्वरूप दो पाकिस्तानी सैनिक शहीद हो गए। इसके अलावा, अन्य जवानों को भी हताहत होने और संपत्ति के नुकसान का सामना करना पड़ा।

बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) भी सक्रिय:
इस बीच, बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने भी 18 से 20 दिसंबर के बीच हुए चार अलग-अलग हमलों की जिम्मेदारी ली है। बीएलएफ के प्रवक्ता मेजर ग्वाहरम बलूच ने बताया कि उनके लड़ाकों ने 18 दिसंबर को नुश्की के जरीन जंगल क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना के एक वाहन को आईईडी से निशाना बनाया था। इस हमले में तीन जवान शहीद हुए और दो अन्य घायल हो गए। समूह ने दावा किया है कि टीबीपी की रिपोर्ट के अनुसार, यह वाहन पूरी तरह से “नष्ट” हो गया था।

यह घटनाएं बलूचिस्तान में चल रहे स्वतंत्रता संग्राम के बीच तनाव को और बढ़ाती हैं, जहाँ अलगाववादी समूह पाकिस्तानी सेना पर लगातार हमले कर रहे हैं।


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