गठबंधन में दरार की खबरों के बीच जब मीडिया ने पार्टी प्रवक्ता से आईएबी के अलग होने पर सवाल किया, तो उनका जवाब बेहद तल्ख था। उन्होंने स्पष्ट किया, “मसला सीटों की संख्या का नहीं, बल्कि साख का है। सीट शेयरिंग की पूरी प्रक्रिया में हमारे आत्मसम्मान को गहरी ठेस पहुंचाई गई, और यही इस अलगाव की सबसे बड़ी वजह बनी।”
अताउर ने जमात के मनमाने रवैये को आड़े हाथों लेते हुए इसे पार्टी का अपमान बताया। ‘द डेली स्टार’ के अनुसार, आईएबी नेता ने अपनी रणनीति साझा करते हुए कहा, “आज हम यह ऐलान करने को मजबूर हैं कि इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश के 270 उम्मीदवारों में से 2 के नामांकन रद्द हुए हैं, लेकिन बाकी 268 योद्धा मैदान में डटे हैं। हमने सभी को चुनाव लड़ने का सख्त निर्देश दिया है और अब पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं उठता।”
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