ईरान-अमेरिका तनाव: शांति की तलाश में पाकिस्तान पहुंच सकते हैं जेडी वैंस, क्या टलेगा महायुद्ध?
पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों के बीच एक बड़ी कूटनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस इस सप्ताह के अंत तक पाकिस्तान का दौरा कर सकते हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य ईरान के साथ जारी संघर्ष से बाहर निकलने के विकल्पों पर चर्चा करना है। यह घटनाक्रम तब और महत्वपूर्ण हो गया जब ईरानी प्रतिनिधियों ने डोनाल्ड ट्रंप के दूतों—स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर—से बात करने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद इस्लामाबाद ने मध्यस्थता के लिए वैंस के नाम का सुझाव दिया, जिसे वाशिंगटन ने स्वीकार कर लिया है।
इसे भी पढ़ें: जिस Asiya Andrabi पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप साबित हुआ, उसके समर्थन में उतरीं Mehbooba Mufti
हालांकि, व्हाइट हाउस ने वैंस की इस नई भूमिका को लेकर किसी भी बड़े बदलाव से इनकार किया है। प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने स्पष्ट किया कि वैंस हमेशा से राष्ट्रपति ट्रंप के ‘दाहिने हाथ’ और राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के अभिन्न हिस्सा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वैंस प्रशासन की रणनीतिक चर्चाओं में शुरू से ही सक्रिय भागीदार रहे हैं, इसलिए उन्हें यह जिम्मेदारी मिलना स्वाभाविक है।
दूसरी तरफ, कूटनीति की मेज पर तनाव कम होने के बजाय बढ़ता दिख रहा है। बुधवार को ईरान ने अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। इतना ही नहीं, ईरान ने इजराइल और खाड़ी देशों पर अपने हमले और तेज कर दिए हैं। ताजा हमलों में कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया गया, जिससे वहां भीषण आग लग गई। यह जवाबी कार्रवाई उस समय हुई है जब इजराइल ने तेहरान पर हवाई हमले किए और अमेरिका ने क्षेत्र में अपने मरीन सैनिकों व पैराट्रूपर्स की तैनाती बढ़ा दी है। ईरान के सरकारी चैनल ‘प्रेस टीवी’ ने एक अधिकारी के हवाले से दो टूक कहा कि ईरान अपनी शर्तों पर ही युद्ध समाप्त करेगा।
इसे भी पढ़ें: All-Party Meeting Highlight | पश्चिम एशिया संकट: सर्वदलीय बैठक में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस, पाकिस्तान को बताया ‘दलाल राष्ट्र’
हैरानी की बात यह है कि प्रेस टीवी का यह कड़ा बयान पाकिस्तान द्वारा ईरान को शांति प्रस्ताव सौंपने के ठीक बाद आया है। पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, इस 15-सूत्रीय प्रस्ताव में ईरान पर लगे प्रतिबंधों में राहत, परमाणु कार्यक्रम को वापस लेने, मिसाइलों की रेंज तय करने और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ को फिर से खोलने जैसे बिंदु शामिल थे। गौरतलब है कि दुनिया के कुल तेल निर्यात का 20 प्रतिशत हिस्सा इसी जलमार्ग से होकर गुजरता है, जिस पर फिलहाल तनाव का साया मंडरा रहा है। अब देखना यह है कि जेडी वैंस की संभावित पाकिस्तान यात्रा इस सुलगते क्षेत्र में शांति का कोई रास्ता निकाल पाती है या नहीं।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
