कांप उठा ईरान! अमेरिकी B1 बॉम्बर के साथ ट्रम्प शुरू करेंगे अब तक की सबसे भीषण तबाही।

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
6 Min Read
us b1 bomber jets take over trump will now launch the biggest round of destruction in iran

खार्ग पर कहर और आसमान में बी-1 बमवर्षक: पश्चिम एशिया के महायुद्ध ने बदला दुनिया का भूगोल!

पश्चिम एशिया के धधकते मैदानों में अमेरिका ने सैन्य आक्रमण का एक नया और विनाशकारी अध्याय लिख दिया है। इंग्लैंड के रॉफ फेयरफोर्ड सैन्य ठिकाने से जब अमेरिकी वायु सेना के दो बी-वन (B-1) लांसर बमवर्षकों ने उड़ान भरी, तो युद्ध की गर्जना और भी आक्रामक हो गई। इस मिशन का मुख्य लक्ष्य था फारस की खाड़ी में स्थित ईरान का रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण ‘खार्ग द्वीप’। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि इस द्वीप पर स्थित ईरानी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह मलबे में तब्दील कर दिया गया है। ज्ञात हो कि खार्ग द्वीप ईरान की अर्थव्यवस्था की धड़कन है, क्योंकि देश के करीब 90 प्रतिशत कच्चे तेल का निर्यात इसी बिंदु से होता है।

दरअसल, ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच छिड़ा यह त्रिकोणीय युद्ध अब उस खतरनाक मोड़ पर पहुँच चुका है जहाँ से वापसी की राह नजर नहीं आती। 28 फरवरी को अमेरिकी और इजराइली सेनाओं के समन्वित हवाई हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मृत्यु के बाद पूरे क्षेत्र में प्रतिशोध की आग फैल गई। जवाब में ईरान ने इजराइल और खाड़ी देशों पर मिसाइलों और आत्मघाती ड्रोनों की झड़ी लगा दी थी।

इसे भी पढ़ें: कोमा में ईरान का नया सुल्तान? घायल Mojtaba Khamenei के लिए NOPO ने तेहरान को बनाया अभेद्य किला!

युद्ध के पंद्रहवें दिन अपनी रणनीति को और धार देते हुए अमेरिका ने ब्रिटेन स्थित अपने ठिकानों से बी-वन बमवर्षकों को मोर्चे पर उतारा। टेक्सॉस और एल्सवर्थ एयरबेस से तैनात किए गए ये विमान अत्याधुनिक निर्देशित बमों और लंबी दूरी की मिसाइलों से लैस हैं, जिनका उद्देश्य ईरान के मिसाइल अड्डों और सैन्य कमान केंद्रों को जड़ से मिटाना है।

ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने इस सैन्य सहयोग की पुष्टि करते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ ‘सीमित रक्षात्मक अभियानों’ के लिए दो ब्रिटिश ठिकानों का उपयोग करने की अनुमति दी गई है। इस सामरिक तैनाती का बड़ा फायदा यह हुआ है कि अमेरिकी विमान अब आधे समय में ही ईरानी ठिकानों तक पहुँचकर हमला करने में सक्षम हैं। हालांकि खराब मौसम के कारण कुछ विमानों को जर्मनी के रामस्टाइन बेस की ओर मोड़ना पड़ा, लेकिन मिशन की गति कम नहीं हुई है।

खार्ग द्वीप पर हुई बमबारी को ट्रम्प ने पश्चिम एशिया के इतिहास के सबसे शक्तिशाली हमलों में से एक बताया है। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने अभी तक द्वीप की तेल शोधन संरचनाओं को सीधे तौर पर निशाना नहीं बनाया है। विशेषज्ञों की मानें तो यदि इन तेल केंद्रों को क्षति पहुँचती है, तो ईरान का तेल निर्यात पूरी तरह ठप हो जाएगा और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती हैं।

ईरान ने भी इन हमलों के बाद झुकने के बजाय बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। भारत में ईरानी सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने दो टूक कहा कि यह युद्ध ईरान पर जबरन थोपा गया है और देश अपनी संप्रभुता के लिए आखिरी सांस तक लड़ेगा। साथ ही, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने मुस्लिम देशों से अपील की है कि वे ‘जियोनिस्ट ताकतों’ और अमेरिका के विरुद्ध एकजुट होकर इस संघर्ष का सामना करें।

इस महायुद्ध का असर अब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी दिखने लगा है। ईरान द्वारा होरमुज जलडमरूमध्य में जहाजों को निशाना बनाए जाने से हड़कंप मचा है, क्योंकि दुनिया का 20 प्रतिशत तेल इसी मार्ग से गुजरता है। इस संकट के कारण कई देशों को अपना आपातकालीन तेल भंडार खोलना पड़ा है।

संघर्ष की यह लपटें अब संयुक्त अरब अमीरात, कतर और सऊदी अरब तक पहुँच गई हैं। यूएई के फुजैरा तेल टर्मिनल पर ईरानी हमले के बाद भीषण आग लग गई, तो वहीं सऊदी अरब ने अपने हवाई क्षेत्र में दर्जनों ईरानी ड्रोनों को मार गिराया। दुबई में हुए एक शक्तिशाली विस्फोट ने गगनचुंबी इमारतों को हिला कर रख दिया है।

समुद्री मोर्चे पर भी तनाव चरम पर है। ईरान ने दावा किया है कि उसकी मिसाइलों ने अमेरिकी विमानवाहक पोत ‘अब्राहम लिंकन’ को गंभीर नुकसान पहुँचाया है, हालांकि अमेरिका ने इसे महज दुष्प्रचार करार दिया है। इसी बीच, सऊदी अरब में खड़े अमेरिकी ईंधन टैंकरों पर हमला और इराक में एक सैन्य विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।

युद्ध की यह विभीषिका अब लेबनान को भी अपनी चपेट में ले चुकी है। इजराइल द्वारा बेरूत में किए जा रहे हमलों के बीच हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने एक लंबी और निर्णायक जंग की चेतावनी दी है। कुल मिलाकर, खार्ग द्वीप से लेकर होरमुज की लहरों तक फैला यह तनाव अब वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है, जिसका अंत फिलहाल नजर नहीं आता।


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है। Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Exit mobile version