जापान में भूकंप का कहर: सुनामी की चेतावनी, 2011 की भयावह यादें ताजा
उत्तरी प्रशांत महासागर में आए एक शक्तिशाली भूकंप ने जापान को हिलाकर रख दिया है। रविवार को, इवाते प्रांत के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई, जिससे स्थानीय निवासियों में चिंता की लहर दौड़ गई। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 6.8 मैग्नीट्यूड मापी गई, जिसने तटवर्ती इलाकों में भय का माहौल पैदा कर दिया।
भूकंप और सुनामी का तांडव: एक मीटर ऊंची लहरों की आशंका
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने समाचार एजेंसी AFP को बताया कि भूकंप स्थानीय समयानुसार शाम लगभग 5:03 बजे इवाते के पास समुद्री क्षेत्र में आया। भूकंप के तुरंत बाद, एक मीटर (लगभग तीन फीट) ऊंची सुनामी लहरों के आने की संभावना को देखते हुए एडवाइजरी जारी की गई। भारत के नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने भी भूकंप की पुष्टि की है, जिसकी तीव्रता 6.6 बताई गई है और यह उत्तरी प्रशांत महासागर में 30 किलोमीटर की गहराई पर महसूस किया गया।
नेशनल ब्रॉडकास्टर NHK ने सूचित किया है कि समुद्र के किनारे सुनामी लहरें देखी गई हैं, और लोगों से तटीय इलाकों से दूर रहने की अपील की गई है। हालांकि, लाइव टेलीविजन फुटेज में समुद्र फिलहाल शांत दिखाई दे रहा है।
2011 का मंजर: एक दिल दहला देने वाली याद
यह घटना 2011 के उस भयावह मंजर की यादें ताजा कर देती है, जब 9.0 तीव्रता वाले एक विनाशकारी भूकंप और उसके बाद आई सुनामी ने जापान को तहस-नहस कर दिया था। उस त्रासदी में लगभग 18,500 लोग मारे गए या लापता हो गए थे। इस आपदा का सबसे भयानक पहलू फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट का पिघलना था, जो चेर्नोबिल के बाद दुनिया की सबसे भीषण परमाणु दुर्घटना साबित हुई।
जापान की भौगोलिक दुविधा: ‘रिंग ऑफ फायर’ का शिकार
जापान दुनिया के उन देशों में से एक है जो भूगर्भीय रूप से अत्यधिक सक्रिय है। यह देश पैसिफिक ‘रिंग ऑफ फायर’ के पश्चिमी किनारे पर चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों के ऊपर स्थित है। यही वजह है कि जापान में हर साल लगभग 1,500 भूकंप आते हैं, हालांकि अधिकांश हल्के होते हैं। इस बार का भूकंप, हालांकि पिछले कुछ भूकंपां से अधिक तीव्र है, लेकिन 2011 की भयावहता से काफी कम है। फिर भी, सुनामी की आशंका ने लोगों को फिर से सतर्क कर दिया है।
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