ट्रंप के 250% टैरिफ के ‘झूठ’ और भारत का ‘ज़ोरदार जवाब’: क्या है मोदी की चाल?

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250% टैरिफ... नया झूठ बोल भारत के साथ क्या खेल कर रहे ट्रंप, उससे पहले मोदी ने लिया बड़ा एक्शन

ट्रंप का झूठ का जाल: भारत-पाक सीजफायर और तेल व्यापार पर मनगढ़ंत दावे

डोनाल्ड ट्रम्प, जो अक्सर अपने बयानों से सुर्खियां बटोरते हैं, एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर और तेल व्यापार को लेकर गलत बयानी करते पकड़े गए हैं। हर बार, वे खुद को इन मुद्दों में मध्यस्थ के रूप में पेश करने और श्रेय लेने की कोशिश करते हैं, जबकि सच्चाई कुछ और ही कहानी कहती है।

सीजफायर का श्रेय: पाकिस्तान की मजबूरी या ट्रम्प का प्रचार?

ट्रम्प का दावा है कि अगर वे हस्तक्षेप न करते तो भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध की स्थिति गंभीर हो जाती। हालांकि, भारत की ओर से लगातार इन दावों का खंडन किया जा रहा है। सच्चाई यह है कि भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर तब हुआ जब पाकिस्तान ने भारी तबाही के बाद बातचीत की गुहार लगाई। उन्होंने अमेरिका, तुर्की और यहां तक कि चीन से भी मदद मांगी। अंततः, डीजीएमओ स्तर की बातचीत के बाद सीजफायर लागू हुआ। यह पाकिस्तान की मजबूरी थी, न कि ट्रम्प की मध्यस्थता का नतीजा।

तेल व्यापार पर झूठ: भारत की स्वायत्तता पर सवाल

ट्रम्प का एक और ताजा झूठ यह है कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे वादा किया है कि भारत रूस से तेल खरीदना कम कर देगा और धीरे-धीरे व्यापार ही खत्म कर देगा। एक बार फिर, भारत की ओर से इन दावों को खारिज कर दिया गया है। भारत रूस से तेल खरीद रहा है और खरीद बंद नहीं की है। जबकि कुछ रिपोर्टों के अनुसार, कुछ कंपनियों का तेल व्यापार कम हुआ है, लेकिन यह पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है।

एशियाई दौरे पर झूठ का ताना-बाना

अपने एशिया दौरे के दौरान, ट्रम्प ने दक्षिण कोरिया में फिर से एक मनगढ़ंत दावा किया कि भारत-पाकिस्तान युद्ध उनकी वजह से समाप्त हुआ। उन्होंने धमकी दी कि अगर युद्ध समाप्त नहीं किया गया तो वे 250% टेरिफ लगाएंगे। यह दर्शाता है कि कैसे ट्रम्प अपने फायदे के लिए अंतरराष्ट्रीय रिश्तों को भी दांव पर लगाने से बाज नहीं आते।

चीन के साथ डील और भारत पर दबाव

अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड डील के बाद, अमेरिका ने भारत पर अपनी नीतियों को बदलने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। ट्रम्प, शी जिनपिंग के साथ डील को लेकर चिंतित हैं और चाहते हैं कि भारत भी जल्द से जल्द अमेरिका के साथ अपनी ट्रेड डील को अंतिम रूप दे। इसी के चलते, ट्रम्प ने ईरान के रास्ते भारत को अपनी तरफ करने का फैसला किया है, जो कि भारत को खुश करने और चीन पर दबाव बनाने की एक रणनीति का हिस्सा है।

यह स्पष्ट है कि डोनाल्ड ट्रम्प अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए लगातार झूठ का सहारा ले रहे हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर और तेल व्यापार जैसे संवेदनशील मुद्दों पर उनके दावे तथ्यों से कोसों दूर हैं। यह महत्वपूर्ण है कि इन दावों का खंडन किया जाए और सच्चाई को सामने लाया जाए।


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