UN स्पेशल दूत का भारत पर बड़ा प्रहार: ‘हथियार सप्लाई कर अंतरराष्ट्रीय कानून का किया उल्लंघन’

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
4 Min Read
India International Law Violation: हथियार भेजा...UN स्पेशल दूत ने बोला- भारत ने कानून तोड़ा

संयुक्त राष्ट्र की विस्फोटक रिपोर्ट: इजराइल का साथ देने पर भारत पर उठे गंभीर सवाल, क्या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेंगी मुश्किलें?

इजराइल-हमास युद्ध के बीच अब भारत की भूमिका को लेकर संयुक्त राष्ट्र (UN) के गलियारों में एक बड़ी हलचल मच गई है। यूएन की विशेष दूत फ्रांसिस्का अल्बनीज ने एक ताजा रिपोर्ट पेश की है, जिसमें इजराइल के साथ संबंधों को लेकर भारत पर गंभीर कानूनी सवाल खड़े किए गए हैं। इस रिपोर्ट में भारत पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन का सीधा आरोप लगाया गया है, विशेष रूप से इजराइल को हथियार सप्लाई करने के मुद्दे पर यूएन ने कड़ी आपत्ति जताई है।

यूनाइटेड नेशन ह्यूमन राइट्स काउंसिल (UNHRC) में पेश की गई इस रिपोर्ट में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) के फैसलों का हवाला दिया गया है। अल्बनीज ने अपनी ‘टॉर्चर एंड जेनोसाइड’ (यातना और नरसंहार) नामक रिपोर्ट में दावा किया है कि अक्टूबर 2023 से इजराइल एक सोची-समझी साजिश के तहत फिलिस्तीनियों को अमानवीय यातनाएं दे रहा है। भारत की भूमिका पर आई इस रिपोर्ट ने अब वैश्विक स्तर पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है।

इसे भी पढ़ें: क्यों अचानक ईरान के इशारों पर नाचने लगे ट्रंप? फोन के टॉक टाइम खत्म होने से पहले रिचार्ज सरीखा सीजफायर बढ़ाने की असली वजह ‘TACO’ है!

रिपोर्ट में गाजा के हालातों का चित्रण करते हुए वहां की जेलों को एक ‘विशाल टॉर्चर कैंप’ की संज्ञा दी गई है। आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 18,500 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 1,500 मासूम बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा, 4,000 से अधिक लोग जबरन लापता कर दिए गए हैं। भारत का जिक्र करते हुए अल्बनीज ने कहा कि जब इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू पर युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोप लगे हैं, ऐसे में भारत द्वारा सहयोग जारी रखना अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों का उल्लंघन है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसके लिए भारत की जवाबदेही भी तय की जा सकती है।

इसे भी पढ़ें: भारत को गाली देने वाली मुस्लिम MP को संसद से ऐसे उठाकर फेंका, चौंक गए सभी

फ्रांसिस्का अल्बनीज ने तर्क दिया कि इजराइल के साथ भारत के निरंतर राजनीतिक और रक्षा संबंध हिंसा के उस तंत्र को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका जिक्र उनकी रिपोर्ट में है। उन्होंने इसे ‘अंतरराष्ट्रीय कानूनी व्यवस्था का क्षरण’ करार दिया। गौरतलब है कि अल्बनीज ने यह बातें बोस्निया और हर्ज़ेगोविना के सारायेवो हवाई अड्डे पर एक इंटरव्यू के दौरान कहीं, जहां वह स्रेब्रेनिका नरसंहार की 30वीं बरसी में शामिल होने पहुंची थीं।

अपने संबोधन में उन्होंने भारत और इजराइल के बीच ऐतिहासिक समानताएं भी रेखांकित कीं। उन्होंने कहा कि इन दोनों ही देशों की जड़ें ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन की विरासत से जुड़ी हैं। अल्बनीज के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र के सदस्य होने के नाते दोनों देशों की कुछ खास अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियां हैं, लेकिन वर्तमान में भारत और इजराइल उस वैश्विक व्यवस्था को कमजोर कर रहे हैं जिसे हमारे पूर्वजों ने अथक प्रयासों से बनाया था। भारत के रक्षा सौदों और कूटनीतिक रुख पर उठी यह उंगली आने वाले समय में वैश्विक राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत दे सकती है।


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है। Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Exit mobile version