व्हाइट हाउस के करीब गोलीबारी: अमेरिका में सुरक्षा पर चिंता की लहर!
अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में, शक्ति के केंद्र व्हाइट हाउस से चंद कदमों की दूरी पर हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इस वारदात में दो नेशनल गार्ड्समैन सहित तीन लोग घायल हुए हैं, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस घटना की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि यह सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास के बेहद करीब घटी। कुछ ही मिनटों में, पूरा इलाका असॉल्ट राइफलों से लैस पुलिस अधिकारियों और इमरजेंसी यूनिटों से पट गया। कई ब्लॉक सील कर दिए गए और आसपास के सभी रास्ते बंद कर दिए गए।
शुरुआत में, वेस्ट वर्जीनिया के गवर्नर पैट्रिक मॉरी ने सोशल मीडिया पर दो नेशनल गार्ड्समैन की मौत का दावा किया, हालांकि बाद में उन्होंने अपनी पोस्ट डिलीट कर ली। फिलहाल, आधिकारिक पुष्टि केवल गंभीर रूप से घायल होने की है।
संदिग्ध विदेशी नागरिक? ट्रंप ने उठाई सवाल!
नेशनल गार्ड पर गोली चलाने वाले संदिग्ध की पहचान विदेशी नागरिक के तौर पर की जा रही है, जो अफगानिस्तान से आया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, राष्ट्रपति ट्रंप ने नेशनल गार्ड, सेना और सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सलाम किया और भरोसा दिलाया कि राष्ट्रपति कार्यालय उनके साथ है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की गहन जांच होनी चाहिए, खासकर उन लोगों की जिनका प्रवेश हाल के वर्षों में हुआ है। ट्रंप ने आतंकवाद के सामने अमेरिका के कभी न झुकने के संकल्प को दोहराया।
होमलैंड सिक्योरिटी सचिव ने घायल जवानों की सलामती के लिए प्रार्थना की अपील की है और एजेंसी स्थानीय इनफोर्समेंट के साथ मिलकर घटना की हर जानकारी जुटा रही है। गौरतलब है कि वाशिंगटन डीसी में पहले से ही 2200 नेशनल गार्ड्स के जवान तैनात थे।
अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात!
गोलीबारी के बाद, ट्रंप प्रशासन ने तुरंत 500 और नेशनल गार्ड सदस्यों को वाशिंगटन भेजने का आदेश दिया। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें अतिरिक्त सैनिक भेजने के लिए कहा है। वर्तमान में लगभग 2,200 सैनिक शहर में संयुक्त कार्य बल के साथ तैनात हैं।
यह गोलीबारी व्हाइट हाउस से सिर्फ दो ब्लॉक उत्तर-पश्चिम में एक मेट्रो स्टेशन के पास हुई। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के अन्य सैनिक तुरंत हरकत में आए और संदिग्ध को काबू किया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह एक अकेले बंदूकधारी द्वारा घात लगाकर किया गया हमला प्रतीत होता है। यह स्पष्ट नहीं है कि संदिग्ध को किसी सैनिक ने या किसी कानून प्रवर्तन अधिकारी ने गोली मारी।
सैनिकों का सम्मान सर्वोपरि!
उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने केंटुकी के फोर्ट कैंपबेल में सैनिकों से कहा, “यह घटना याद दिलाती है कि चाहे सैनिक सक्रिय ड्यूटी पर हों, रिजर्व में हों या नेशनल गार्ड में, हमारे सैनिक ही अमेरिका की ढाल और तलवार हैं।”
नेशनल गार्ड ब्यूरो के प्रमुख जनरल स्टीवन नॉर्डहाउस ने अपनी ग्वांतानामो बे की यात्रा रद्द कर दी है और वाशिंगटन डी.सी. पहुंच गए हैं। सेना के सचिव डैन ड्रिस्कॉल ने अस्पताल में घायलों से मुलाकात की और दुख व्यक्त किया।
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