5G के शिखर पर भारत, 6G की राह में उपयोग के मामलों का इंतजार
डिजिटल नेटवर्क्स के महानिदेशक, मनोज कुमार सिंह ने भारत की 5G सेवाओं की यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव की ओर इशारा किया है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2025 के मंच से उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां 5G का प्रसार उल्लेखनीय रहा है, वहीं अगली पीढ़ी की तकनीक 6G का भविष्य, 5G के उपयोग के मामलों के पूर्ण रूप से विकसित और लाभप्रद होने पर निर्भर करता है।
उपयोगकर्ता हैं, पर उपयोग का इंतजार
सिंह ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि भारत में 5G के 6.5 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं। यह संख्या 5G की उपलब्धता को नहीं, बल्कि इसके वास्तविक उपयोग के परिदृश्य को दर्शाती है। उन्होंने जोर देकर कहा, “असली अंतर तकनीक की उपलब्धता में नहीं, बल्कि इसकी पूरी क्षमता को समझने और उसका लाभ उठाने में है।” यह मुद्रीकरण और आधुनिकीकरण की प्रक्रिया ही 5G को सार्थक बनाएगी, जिससे 6G के लिए एक मजबूत आधार तैयार होगा।
6G का क्षितिज, 5G के परिपक्व होने पर
जब 5G उपयोग के मामले पूरी तरह से परिपक्व और लाभदायक हो जाएंगे, तभी 6G के लिए मार्ग प्रशस्त होगा। सिंह के अनुसार, यह ऑपरेटरों को 6G की और अधिक तैनाती के लिए प्रोत्साहित करेगा। वर्तमान में, 6G में निश्चित रूप से संभावनाएं हैं, लेकिन इन संभावनाओं का साकार होना 5G के सुदृढ़ और व्यापक उपयोग पर निर्भर करेगा।
डिजिटल आधारभूत संरचना: विस्तार और खपत के बीच संतुलन
भारत के डिजिटल आधारभूत ढांचे की बात करते हुए, सिंह ने कहा कि यह मजबूत तो है, पर इसका उपयोग हमारी विस्तार गति से कहीं अधिक तेज है। यह निरंतर एक “संतृप्ति” की स्थिति बनाए रखता है। उन्होंने स्वीकार किया कि भारत की 5G तैनाती का पैमाना वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट है, लेकिन देश की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए इसे और अधिक विस्तार की आवश्यकता है। संक्षेप में, भारत 5G के शिखर पर खड़ा है, और 6G की ओर बढ़ने से पहले, 5G के इर्द-गिर्द एक जीवंत और लाभदायक उपयोग पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना सर्वोपरि है।
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