एयरटेल बिज़नेस ने भारतीय रेलवे को दी डिजिटल सुरक्षा की मज़बूत ढाल!
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे, देश की जीवनरेखा, अब साइबर खतरों के खिलाफ और भी मज़बूत हो गई है। एयरटेल बिज़नेस ने भारतीय रेलवे सुरक्षा संचालन केंद्र (IRSOC) के साथ एक ऐतिहासिक बहु-वर्षीय अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत भारतीय रेलवे के विशाल डिजिटल नेटवर्क को अत्याधुनिक सुरक्षा सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
हर दिन 13,000 से अधिक ट्रेनों का संचालन, 2 करोड़ से अधिक यात्रियों की आवाजाही, लाखों डिजिटल लेनदेन और 1.5 अरब टन माल की ढुलाई – ये आँकड़े भारतीय रेलवे के महत्व को रेखांकित करते हैं। इस विशाल तंत्र की सुरक्षा, जिसमें ग्राहकों की पहचान, भुगतान विवरण, टिकटिंग, ट्रेन ट्रैकिंग, माल ढुलाई और सिग्नलिंग से जुड़े संवेदनशील परिचालन डेटाबेस शामिल हैं, सर्वोपरि है।
एयरटेल बिज़नेस एक बिल्कुल नए (ग्रीनफील्ड) बहुस्तरीय साइबर सुरक्षा संरक्षण परिवेश को विकसित, निर्मित, कार्यान्वित और संचालित करेगा। यह ढांचा भारतीय रेलवे की सूचना प्रौद्योगिकी की रीढ़ की हड्डी की रक्षा करेगा, और यह सुनिश्चित करेगा कि डिजिटल संचालन निर्बाध, सुरक्षित और हर तरह के व्यवधान से मुक्त रहे।
हर डेटाबेस को मिलेगी मज़बूत सुरक्षा:
केंद्रीकृत सुरक्षा नियंत्रण के साथ, एयरटेल बिज़नेस रेलवे के व्यापक डेटाबेस की सुरक्षा के लिए एक बहु-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली स्थापित करेगा। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, "एयरटेल बिज़नेस को भारतीय रेलवे सुरक्षा परिचालन केंद्र (आईआरएसओसी) के लिए बहुवर्षीय ठेका मिला है।" हालांकि, इस समझौते के वित्तीय पहलुओं का खुलासा नहीं किया गया है।
एयरटेल बिज़नेस का भरोसा, रेलवे का सुरक्षा कवच:
एयरटेल बिज़नेस के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं निदेशक, शरत सिन्हा ने इस साझेदारी पर प्रकाश डालते हुए कहा, "एयरटेल बिज़नेस में हम समझते हैं कि आज के दौर में परिचालन निरंतरता, डेटा अखंडता और यात्री सुरक्षा को खतरा पहुँचाने वाले बढ़ते साइबर जोखिमों के बीच उन्नत रक्षा तंत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।"
साइबर सुरक्षा – रेलवे के लिए अत्यावश्यक:
रेलवे बोर्ड के सूचना एवं प्रचार के कार्यकारी निदेशक (ईडीआईपी), दिलीप कुमार ने इस बात पर ज़ोर दिया कि परिचालन, रखरखाव, उत्पादन और परिसंपत्तियों की खरीद के लिए डिजिटल सूचना और संचार प्रौद्योगिकियों पर बढ़ती निर्भरता के कारण "साइबर सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है।"
शरत सिन्हा ने आगे कहा, "हमें विशाल रेलवे नेटवर्क और डेटाबेस वाले भारत के सबसे जटिल और बड़े पैमाने के डिजिटल बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए IRSOC द्वारा अपने विश्वसनीय भागीदार के रूप में चुने जाने पर गर्व है। हमारी मज़बूत सुरक्षा परत टिकटिंग और डेटा प्रबंधन में सुरक्षा दक्षता को बढ़ाएगी, सभी रेलवे डिजिटल परिचालनों को उभरते साइबर खतरों से बचाएगी और साथ ही लाखों दैनिक रेल यात्रियों को सुरक्षित और निर्बाध डिजिटल सेवाएँ प्रदान करेगी।"
IRSOC: एक नई निगरानी प्रणाली:
रेलवे बोर्ड के ईडीआईपी, दिलीप कुमार ने बताया कि IRSOC की स्थापना से भारतीय रेलवे की परिसंपत्तियों की निरंतर निगरानी, साइबर सुरक्षा खतरों का कुशलतापूर्वक पता लगाने और उनका जवाब देने, खतरे की खुफिया जानकारी एकत्र करने और राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसियों के साथ उचित सहयोग सुनिश्चित करने के लिए एक केंद्रीकृत सुरक्षा संचालन केंद्र प्रदान करने में मदद मिलेगी।
इसके अतिरिक्त, सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित परिसंपत्तियों के संचालन और रखरखाव को सुव्यवस्थित करने से सेवा वितरण में सुधार होगा और निर्बाध सेवाएं प्रदान करके यात्रियों के हितों की रक्षा होगी। यह महत्वपूर्ण कदम भारतीय रेलवे को भविष्य के डिजिटल खतरों के लिए तैयार करेगा और लाखों रेल यात्रियों के भरोसे को और मज़बूत करेगा।
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