सीए पाठ्यक्रम में तकनीकी क्रांति: अब एआई और डेटा एनालिटिक्स बनेंगे भविष्य के चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का आधार
भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) बदलते वैश्विक दौर के साथ कदम मिलाते हुए अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) पाठ्यक्रम में एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब देश के भविष्य के सीए न केवल पारंपरिक लेखांकन, बल्कि कृत्रिम मेधा (AI) और डेटा विश्लेषण जैसे आधुनिक विषयों में भी निपुण होंगे। देश भर में लाखों छात्रों के सपनों को संवारने वाले इस संस्थान के पास वर्तमान में पांच लाख से अधिक अनुभवी सदस्य हैं, जिनके लिए प्रौद्योगिकी अब पेशे का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुकी है।
आईसीएआई के अध्यक्ष प्रसन्न कुमार डी. ने पीटीआई के साथ एक विशेष साक्षात्कार में स्पष्ट किया कि प्रौद्योगिकी अब कोई विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत है। उनके अनुसार, “इंजीनियरों के लिए एआई भले ही एक अलग विषय हो सकता है, लेकिन हमारे लिए यह एक अपरिहार्य आवश्यकता है। आज के दौर में रोजगार हो या प्रैक्टिस, एआई की समझ के बिना कोई भी चार्टर्ड अकाउंटेंट सफलता की राह पर आगे नहीं बढ़ सकता।” इसी विजन को साकार करने के लिए आईसीएआई ने हाल ही में शिक्षा एवं प्रशिक्षण समीक्षा समिति का गठन किया है, जो पाठ्यक्रम, परीक्षा प्रणाली और संचार कौशल के पूरे ढांचे को नया स्वरूप दे रही है।
संस्थान की यह समिति दिसंबर तक अपनी सिफारिशें पूरी कर लेगी, जिसके बाद इन्हें सार्वजनिक सुझावों के लिए पेश किया जाएगा। वर्तमान में पाठ्यक्रम में एआई, डेटा विश्लेषण, ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक एवं शासन) और सतत विकास जैसे विषयों की कमी महसूस की जा रही है। चूँकि लेखांकन क्षेत्र में गैर-वित्तीय रिपोर्टिंग और फॉरेंसिक ऑडिट का महत्व तेजी से बढ़ा है, इसलिए आईसीएआई इन बदलावों को प्राथमिकता दे रहा है। 2023 में शुरू हुई नई शिक्षा योजना के बाद, इन अत्याधुनिक बदलावों को 2028 से पूरी तरह लागू किए जाने की संभावना है।
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