भारत बनेगा यूरोपीय ऑटो हब: पीयूष गोयल का दावा, भारत-EU व्यापार समझौते से देश में लगेंगे नए प्लांट।

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भारत बनेगा यूरोपीय ऑटो हब: पीयूष गोयल का दावा, भारत-EU व्यापार समझौते से देश में लगेंगे नए प्लांट।
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‘अंगूर खट्टे हैं’: पीयूष गोयल का कांग्रेस पर तीखा प्रहार, भारत-EU व्यापार समझौते पर जयराम रमेश को घेरा

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) को लेकर कांग्रेस के रुख पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे ‘अंगूर खट्टे हैं’ वाली मानसिकता करार दिया है। भारत-यूरोपीय संघ (EU) समझौते पर जयराम रमेश की टिप्पणी का जवाब देते हुए गोयल ने याद दिलाया कि यूपीए सरकार ने 2006 में इस पर चर्चा शुरू की और 2007 में इसे आगे बढ़ाया, लेकिन वे इसे अंजाम तक पहुँचाने में पूरी तरह विफल रहे। रमेश की आलोचना करते हुए गोयल ने उन्हें “विकास-विरोधी” बताया और कहा कि पर्यावरण मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल ने देश की प्रगति के पहियों को रोकने का काम किया। गोयल ने कांग्रेस से सीधा सवाल किया कि उन्होंने आरसीईपी (RCEP) के जरिए भारत के हितों को खतरे में डालकर चीन के साथ परोक्ष रूप से एफटीए की राह क्यों प्रशस्त की।

एएनआई से मुखातिब होते हुए गोयल ने कहा, “यह वही पुरानी ‘अंगूर खट्टे हैं’ वाली कहानी है। 2006 में शुरू हुई बातचीत को इन्होंने 2013 में अधर में छोड़ दिया। यूपीए सरकार में निर्णायक कदम उठाने का न तो साहस था और न ही इच्छाशक्ति। जयराम रमेश का रिकॉर्ड गवाह है कि उन्होंने विकास की राह में रोड़े अटकाए हैं। कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकारें भारत को चीन के साथ व्यापारिक जाल में उलझाने के लिए उतावली थीं। मैं पूछना चाहता हूँ कि आपने देश की सुरक्षा और हितों को ताक पर रखकर भारत को आरसीईपी में शामिल करने की हिम्मत कैसे की? यह कांग्रेस की एक ऐतिहासिक भूल थी, जिसका जवाब उन्हें जनता को देना होगा।”

भारत-यूरोपीय संघ एफटीए के फायदों पर रोशनी डालते हुए गोयल ने बताया कि इसका सबसे सकारात्मक असर प्रीमियम ऑटोमोबाइल सेक्टर पर दिखेगा। उन्होंने कहा कि यूरोपीय कंपनियां अब भारत को एक बड़े विनिर्माण केंद्र के रूप में देख रही हैं, जिससे यहाँ रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। गोयल ने विश्वास जताया कि विकसित देशों के साथ ये अंतरराष्ट्रीय समझौते ‘विकसित भारत’ के सपने को हकीकत में बदलेंगे। भारतीय ऑटो सेक्टर की सुरक्षा पर उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने 25-30 लाख रुपये तक की कारों के लिए बाजार नहीं खोला है और घरेलू उद्योग को पूरी तरह सुरक्षित रखा है।

मंत्री गोयल ने यूपीए काल के समझौतों और मौजूदा सरकार की रणनीति के बीच का फर्क भी साफ किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय जापान और कोरिया के साथ किए गए एफटीए से भारत को कोई फायदा नहीं हुआ, बल्कि वहां से आयात दोगुना हो गया और हमारा निर्यात ठप रहा। गोयल ने जोर देकर कहा, “हमने संतुलित शर्तों पर बातचीत की है। हमारे नए समझौते के तहत भारत से निर्यात होने वाली 99% वस्तुओं पर शून्य शुल्क लगेगा। कांग्रेस के विपरीत, हम उन देशों के साथ समझौता नहीं करते जो हमारे निर्माताओं और श्रमिकों के हितों को नुकसान पहुँचा सकते हैं। यह भारत की नई और मजबूत व्यापार नीति का प्रमाण है।”


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