भारतीय कॉर्पोरेट जगत से एक ऐसी बड़ी खबर सामने आई है, जो शेयर बाजार की दिशा और दशा बदलने का दम रखती है। मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने भारत के इतिहास के सबसे बड़े इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) का बिगुल फूंक दिया है। रिलायंस की डिजिटल और टेलीकॉम दिग्गज ‘जियो प्लेटफॉर्म्स’ का यह बहुप्रतीक्षित आईपीओ 21 अक्टूबर को निवेश के लिए खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। ₹30,200 करोड़ से ₹37,700 करोड़ के संभावित आकार वाला यह मेगा आईपीओ एलआईसी (LIC) और पेटीएम (Paytm) जैसे बड़े निर्गमों के रिकॉर्ड को ध्वस्त करने के लिए तैयार है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस राशि का मुख्य उपयोग रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज को चुकाने और कंपनी के विस्तार कार्यों के लिए किया जाएगा।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जियो प्लेटफॉर्म्स का यह कदम LIC और पेटीएम से कहीं अधिक प्रभावशाली होगा। लिस्टिंग के तुरंत बाद, जियो भारत की ‘टॉप-4’ सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनियों के एलीट क्लब में शामिल हो सकता है, जहां यह एचडीएफसी (HDFC) बैंक जैसे दिग्गजों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होगा। निवेशकों की नजरें कंपनी के विशाल सब्सक्राइबर बेस, निरंतर बढ़ती कमाई और हाई-वैल्यू डिजिटल सेवाओं के जरिए डेटा खपत को मुनाफे में बदलने की इसकी बेमिसाल क्षमता पर टिकी हैं।
इसे भी पढ़ें: Reliance Jio IPO 21 अक्टूबर को खुलेगा, 27 करोड़ नए Share जारी करेगी कंपनी
आकाश अंबानी का मास्टरस्ट्रोक: 50 ग्लोबल निवेशकों के साथ बैठकें
आईपीओ की लॉन्चिंग से पहले जियो की टीम ने वैश्विक स्तर पर अपनी बिसात बिछा दी है। जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने स्वयं कमान संभालते हुए दुनिया भर के 50 से अधिक दिग्गज निवेशकों के साथ महत्वपूर्ण मुलाकातें की हैं। संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) में कंपनी को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। गौरतलब है कि मेटा (Meta), गूगल (Google) और सऊदी अरब के पीआईएफ (PIF) जैसे वैश्विक दिग्गज 2020 में ही इस डिजिटल क्रांति का हिस्सा बन चुके हैं।
इसे भी पढ़ें: IGX लाएगा IPO, बाजार नियामक SEBI ने दी सार्वजनिक निर्गम को मंजूरी
21 अक्टूबर को खुलेगा निवेश का द्वार
रिलायंस इंडस्ट्रीज की यह डिजिटल शाखा भारत की सबसे बड़ी मोबाइल ऑपरेटर है। ‘रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस’ के मुताबिक, यह मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह की ओर से लाया जाने वाला पहला आईपीओ है, जो इसे और भी खास बनाता है।
इस ऑफर के तहत 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे, जिनकी फेस वैल्यू ₹10 प्रति शेयर है। विशेष बात यह है कि इसमें ‘ऑफर-फॉर-सेल’ का कोई हिस्सा नहीं है, यानी कंपनी के मौजूदा प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रहे हैं। ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर के प्राइस बैंड के साथ, यह निर्गम ऊपरी स्तर पर ₹30,213 करोड़ से अधिक जुटा सकता है। एंकर निवेशकों के लिए बोली प्रक्रिया 19 अक्टूबर से शुरू होगी। वर्तमान में जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस की 66.43% हिस्सेदारी है और जून के अंत तक कंपनी के पास 53.33 करोड़ ग्राहक थे, जिनमें से 28.49 करोड़ ग्राहक पहले से ही 5G सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं।
इसे भी पढ़ें: Tonbo Imaging IPO 15 अक्टूबर से खुलेगा, कंपनी ने तय किया Price Band
शेयर बाजार में नया इतिहास रचने की तैयारी
जियो की लिस्टिंग सिर्फ एक व्यावसायिक घटना नहीं, बल्कि भारतीय कैपिटल मार्केट के इतिहास का एक नया अध्याय होगी। बाजार विश्लेषकों को भरोसा है कि लिस्टिंग के बाद रिलायंस जियो देश की चौथी सबसे बड़ी कंपनी बनकर उभरेगी। यह आईपीओ न केवल निवेशकों के लिए धन सृजन का एक सुनहरा अवसर है, बल्कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था की बढ़ती डिजिटल ताकत का भी प्रतीक है।
Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


